(IndiGo Share Price/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: IndiGo Share Price Today: आज मंगलवार को भारतीय एयरलाइन के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। इंडिगो (Interglobe Aviation) और Spicejet के शेयरों में उछाल की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट रही। तेल की कीमतों में कमी से एयरलाइन कंपनियों के परिचालन पर दबाव कम हुआ और निवेशकों का भरोसा बढ़ा। बाजार में यह उम्मीद जगी है कि हाल के व्यवधानों के बाद एयरलाइन कंपनियां धीरे-धीरे अपने सामान्य परिचालन पर लौट सकती है।
कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% की गिरावट देखने को मिली। इसका मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान था, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ संभावित युद्ध उतना लंबा नहीं रहेगा, जितना पहले डर था। इसके अलावा, उन्होंने तेल से जुड़े प्रतिबंधों में ढील दिए जाने का भी संकेत दिया। इस खबर के बाद इंडिगो के शेयर 5.6% बढ़कर 4,473.70 रुपये के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि स्पाइसजेट के शेयर में 7.7% की तेजी आई और यह 14.08 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
ट्रंप के बयान के बाद तेल बाजार में तेजी से प्रतिक्रिया आई। निवेशकों को लगा कि संघर्ष की अवधि कम हो सकती है और अमेरिकी प्रशासन ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए कई कदम उठा सकता है। इसमें तेल प्रतिबंधों में ढील देना और होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से कच्चे तेल की सप्लाई सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी नौसेना को तैनात करना शामिल है।
| विवरण | मान |
| वर्तमान मूल्य | ₹4,377.10 (+₹140.40 / 3.31%) |
| आज की तिथि और समय | 10 मार्च, 10:57 am IST |
| खुला मूल्य (Open) | ₹4,410.00 |
| उच्चतम मूल्य (High) | ₹4,473.70 |
| न्यूनतम मूल्य (Low) | ₹4,341.60 |
| मार्केट कैप (Mkt Cap) | ₹1.69 लाख करोड़ |
| P/E अनुपात | 52.81 |
| 52-सप्ताह का उच्चतम | ₹6,232.50 |
| 52-सप्ताह का न्यूनतम | ₹4,035.00 |
| डिविडेंड यील्ड | 0.23% |
| तिमाही डिविडेंड राशि | ₹2.52 |
साथ ही G7 देशों ने भी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है। अगर जरूरत पड़ी तो वे रणनीतिक तेल भंडार जारी करने सहित सभी जरूरी कदम उठाने को तैयार हैं। इन सब खबरों के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 6% गिरकर 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। शुरुआती कारोबार में यह 10% तक लुढ़क गई थी।
तेल की कीमतों में आई गिरावट से भारत के बाजारों को बड़ी राहत मिली। बढ़ती तेल कीमतें आयात बिल बढ़ाकर महंगाई का खतरा पैदा करती है। गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। गिरावट के बाद इंडिगो जैसी एयरलाइन कंपनियों को अपने मध्य पूर्व और अन्य मार्गों पर परिचालन फिर से शुरू करने में मदद मिल सकती है। तेल की नरमी ने एयरलाइन शेयरों और परिचालन दोनों को मजबूती प्रदान की है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।