NSE IPO: अब खत्म होने वाला है NSE IPO का 10 साल का लंबा इंतजार! SEBI ने निवेशकों के लिए दिया ये बड़ा अपडेट!

NSE IPO: भारत के मार्केट रेगुलेटर ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के अनुचित मार्केट एक्सेस मामले में सेटलमेंट एप्लीकेशन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। साल 2016 से NSE शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए प्रयासरत है, लेकिन नियामकीय अड़चनों के कारण इसका आईपीओ अब तक टलता रहा है।

  •  
  • Publish Date - January 15, 2026 / 05:19 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 05:20 PM IST

(NSE IPO News/ Image Credit: ANI News)

HIGHLIGHTS
  • NSE आईपीओ 2016 से लंबित था।
  • सेबी ने अनुचित मार्केट एक्सेस मामले में सेटलमेंट को हरी झंडी दी।
  • सरकार ने NSE में 2.5% हिस्सेदारी घटाने को मंजूरी दी।

नई दिल्ली: NSE IPO नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ को लेकर हाल ही में बड़ा अपडेट आया है। सेबी (SEBI) के चेयरमैन तुनिह कांता पांडे ने जानकारी दी है कि मार्केट रेगुलेटर ने NSE के अनुचित मार्केट एक्सेस मामले में सेटलमेंट एप्लीकेशन पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इसका मतलब यह है कि NSE के लंबे समय से लंबित आईपीओ की राह अब आसान हो सकती है। NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और यह दुनिया का सबसे सक्रिय डेरिवेटिव्स एक्सचेंज भी माना जाता है।

NSE की लिस्टिंग और सरकार की मंजूरी (NSE Listing and Government Approval)

NSE वर्ष 2016 से शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का प्रयास कर रहा है, लेकिन नियामकीय अड़चनों के कारण इसका आईपीओ अब तक टलता रहा। अब सरकार ने NSE में 2.5% हिस्सेदारी घटाने को मंजूरी दे दी है। इस कदम से NSE की लिस्टिंग प्रक्रिया में बड़ी प्रगति मिलेगी और संबंधित अधिसूचना जल्द जारी होने की संभावना है।

सेबी ने दिए ये संकेत (SEBI Gave these Indications)

सेबी चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने पहले भी संकेत दिए थे कि जल्द ही NSE को नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलेगा। इसके बाद NSE को DRHP और अन्य फाइलिंग प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। खबरों के मुताबिक, NOC इस महीने जारी होने की उम्मीद है और एक्सचेंज मार्च के अंत तक अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस फाइल करने की योजना बना रहा है।

निवेशकों और बैंकरों के साथ बातचीत (Negotiations with Investors and Bankers)

सूत्रों के मुताबिक, NSE प्रॉस्पेक्टस को फाइनल करने और देश के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में निवेशकों की रुचि जानने के लिए इन्वेस्टमेंट बैंकरों और लॉ फर्मों के साथ बातचीत कर रहा है। SEBI से NOC मिलने के बाद औपचारिक नियुक्तियां की जाएंगी और शुरुआती बातचीत पहले ही शुरू हो गई है। इससे निवेशकों और बाजार में आईपीओ को लेकर उम्मीदें बढ़ गई है।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें:

NSE आईपीओ कब लिस्ट होगा?

अभी तक कोई फाइनल तारीख नहीं आई है, लेकिन सेबी से NOC मिलने और DRHP फाइलिंग के बाद मार्च 2026 तक ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस फाइल होने की उम्मीद है।

NSE आईपीओ क्यों लंबित था?

2016 से NSE लिस्टिंग की कोशिश कर रहा है, लेकिन नियामकीय अड़चनों और अनुचित मार्केट एक्सेस मामले के कारण आईपीओ टलता रहा।

सरकार का इसमें क्या रोल है?

सरकार ने NSE में 2.5% हिस्सेदारी घटाने को मंजूरी दी है, जो लिस्टिंग प्रक्रिया के लिए अहम कदम माना जा रहा है।

इस आईपीओ का साइज कितना हो सकता है?

सूत्रों के मुताबिक, यह भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा, लेकिन अंतिम राशि और शेयर साइज अभी फाइनल नहीं हुआ है।