(RIL Share Price Today/ Image Credit: ANI News)
RIL Share Price Today: एशिया के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज इन दिनों शेयर बाजार में काफी चर्चा का केंद्र बन गया है। इसका कारण रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर पैदा हुआ विवाद है। बीते कुछ दिनों से बाजार में यह सवाल उठ रहा था कि क्या रिलायंस अब भी रूस से तेल खरीद रही है या नहीं। इसी असमंजस ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
ब्लूमबर्ग ने केप्लर के आंकड़ों के हवाले से एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें बताया गया था कि रूसी कच्चे तेल से भरे तीन जहाज रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी की ओर बढ़ रहे हैं। यह खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई। खासतौर पर अमेरिका की नाराजगी फिर से चर्चा में आ गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 जनवरी को रूस से कच्चा तेल खरीदने पर भारत को लेकर नाराजगी जाहिर की और टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी। इसके कुछ ही घंटों बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सफाई दी। कंपनी ने स्पष्ट कहा कि उसने पिछले तीन हफ्तों से रूस से कोई कच्चा तेल नहीं खरीदा है और जनवरी में भी किसी खेप की उम्मीद नहीं है। साथ ही मीडिया रिपोर्ट्स का पूरी तरह से खंडन किया।
कंपनी की इस सफाई के बाद भी बाजार को राहत नहीं मिली। मंगलवार को रिलायंस के शेयरों (RIL Share Price) में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर शेयर 1,497 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गए। यह गिरावट 4 जून 2024, यानी लोकसभा चुनाव नतीजों वाले दिन के बाद से सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। रिलायंस निफ्टी 50 पर सबसे ज्यादा दबाव डालने वाला शेयर भी बन गया।
| विवरण | जानकारी |
| वर्तमान शेयर प्राइस | ₹1,506.80 |
| आज का बदलाव | −₹71.30 (−4.52%) |
| तारीख व समय | 6 जनवरी, 2:44 PM IST |
| 1:30 PM पर प्राइस | ₹1,505.50 |
| ओपन प्राइस | ₹1,569.00 |
| दिन का उच्च स्तर (High) | ₹1,569.00 |
| दिन का न्यूनतम स्तर (Low) | ₹1,496.30 |
| मार्केट कैप | ₹20.39 लाख करोड़ |
| P/E रेशियो | 24.53 |
| 52-हफ्ते का उच्च स्तर | ₹1,611.80 |
| 52-हफ्ते का न्यूनतम स्तर | ₹1,114.85 |
| डिविडेंड यील्ड | 0.37% |
| तिमाही डिविडेंड राशि | ₹1.39 |
शेयरों में गिरावट की वजह से रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL Share Price) की मार्केट वैल्यूएशन में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आ गई। सोमवार को कंपनी का मार्केट कैप करीब 21.34 लाख करोड़ रुपये था, जो मंगलवार को घटकर लगभग 20.25 लाख करोड़ रुपये रह गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस से तेल की सप्लाई पहले ही कम हो चुकी है और आने वाले समय में इसमें और गिरावट संभव है। वहीं इन घटनाओं ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।