(SBI Share Price/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: SBI Share Price Fall Today आज सोमवार को शेयर बाजार में भारी बिकवाली का असर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयर पर भी पड़ा। बैंक का शेयर करीब 7% गिरकर 1064.30 रुपये के इंट्रा-डे लो लेवल पर पहुंच गया। इस गिरावट के चलते निवेशकों के लगभग 62,352 करोड़ रुपये डूब गए। एक वक्त पर बैंक का मार्केट कैप घटकर 9.93 लाख करोड़ रुपये तक आ गया था। बीएसई पीएसयू इंडेक्स भी 5.65 प्रतिशत टूट गया। इस गिरावट के पीछे मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध को मुख्य वजह माना जा रहा है।
हालांकि आज स्टॉक में भारी गिरावट आई, इसके बावजूद इस साल स्टेट बैंक के शेयर ने निवेशकों को 10.55 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में SBI के शेयरों की कीमतों में 48 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। बैंक का 52-सप्ताह हाई 1234.70 रुपये और लो 719.05 रुपये है। जो यह बताता है कि लंबी अवधि में स्टॉक में अच्छी वृद्धि देखने को मिली है, जबकि अल्पकालिक बिकवाली ने कीमतों को प्रभावित किया।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार स्टेट बैंक का 14-दिन का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 47.2 पर है। तकनीकी रूप से यह न्यूट्रल जोन में आता है। अगर RSI 30 के नीचे जाता है, तो यह अधिक बिकवाली का संकेत देता है और 70 से ऊपर जाने पर अधिक खरीदारी को दर्शाता है। मौजूदा स्थिति में शेयर में संतुलित गतिविधि बनी हुई है, जबकि बाजार की अस्थिरता ने अल्पकालिक दबाव डाला है।
स्टेट बैंक के अलावा अन्य बैंकों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों की कीमतों में 4% से 6% तक की कमी आई। यह पूरी बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली और अस्थिरता को दर्शाता है। निवेशकों ने अल्पकालिक जोखिम के कारण बड़े पैमाने पर शेयर बेचे, जिससे सेक्टर में दबाव देखने को मिला।
| विवरण | जानकारी |
| आज का मूल्य | ₹1,098.70 |
| बदलाव | −₹44.30 (−3.88%) |
| ओपन | ₹1,115.00 |
| उच्चतम (High) | ₹1,115.00 |
| न्यूनतम (Low) | ₹1,064.30 |
| मार्केट कैप | ₹10.14 लाख करोड़ |
| P/E अनुपात | 11.99 |
| 52-सप्ताह उच्च | ₹1,234.70 |
| 52-सप्ताह निम्न | ₹719.05 |
| डिविडेंड यील्ड | 1.45% |
| त्रैमासिक डिविडेंड राशि | ₹3.98 |
SBI में विदेशी निवेशकों (FPIs) की हिस्सेदारी सितंबर तिमाही में 9.57% थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 10.34% हो गई। दूसरी ओर, म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 14.23% से घटकर 13.76% हो गई। जो यह दर्शाता है कि विदेशी निवेशकों ने स्टॉक पर भरोसा बनाए रखा, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अल्पकालिक बिकवाली की है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।