(Share Market 27 February 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market 27 February 2026 in India आज शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए शुरुआती संकेत कमजोर नजर आ रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कैश मार्केट में करीब 3500 करोड़ रुपये की बिकवाली की है, जिससे बाजार की धारणा पर प्रभाव पड़ा है। गिफ्ट निफ्टी भी गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा, जो घरेलू बाजार में कमजोर शुरूआत का इशारा दे रहा है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख है, लेकिन कुल मिलाकर माहौल सतर्क बना हुआ है।
एशिया में शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 करीब 0.6 प्रतिशत गिरा, जबकि टॉपिक्स लगभग सपाट रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1 प्रतिशत से ज्यादा टूटा और कोस्डैक में भी कमजोरी रही। हांगकांग के हैंग सेंग फ्यूचर्स ने फ्लैट शुरुआत का संकेत दिया। इससे साफ है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।
Gift Nifty में लगभग 114 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,551 के आसपास ट्रेड करता दिखा। यह करीब 0.44 प्रतिशत की कमजोरी को दर्शाता है। इससे यह संकेत मिलता है कि NIFTY 50 और BSE Sensex की शुरुआत दबाव में हो सकती है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ग्लोबल संकेत मिलकर बाजार पर प्रभाव डाल सकते हैं।
अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को गिरावट रही। नैस्डैक कंपोजिट में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि S&P 500 भी आधा प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। हालांकि डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव देखने को मिला, खासकर एनवीडिया के नतीजों के बाद निवेशकों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं।
अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर बातचीत में प्रगति की खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट आई। Brent Crude 71 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया, जबकि WTI में भी कमजोरी रही। सोना लगभग 5200 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर दिखा, लेकिन चांदी में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाए रखा।
कुल मिलाकर वैश्विक संकेत फिलहाल सतर्कता का इशारा कर रहे हैं। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, अमेरिकी बाजारों की कमजोरी और एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख भारतीय बाजार पर दबाव बना सकता है। हालांकि डाओ जोंस की हल्की मजबूती कुछ संतुलन बनाने की कोशिश कर सकती है। अब निवेशकों की नजर आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रम पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।