(Share Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market Today in India आज गुरुवार को वैश्विक बाजारों से मिल रहे संकेतों के चलते भारतीय बाजार की शुरुआत सपाट रहने की संभावना है। सेंसेक्स और निफ्टी 50 पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल का असर दिख सकता है। एशियाई बाजारों में जहां मिलाजुला रुख देखा गया। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार बीती रात गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, इसके बावजूद घरेलू बाजारों में निवेशकों का भरोसा पूरी तरह टूटा नहीं है।
बुधवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के बावजूद भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा। बीएसई सेंसेक्स 78 अंकों की तेजी के साथ 83,817 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 48 अंक चढ़कर 25,776 पर बंद हुआ। जो यह दर्शाता है कि बाजार में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
गुरुवार को एशियाई बाजारों में कमजोरी ज्यादा नजर आई। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.15 प्रतिशत बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.71 प्रतिशत और कोस्डैक 1.79 प्रतिशत फिसल गया। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने भी कमजोर शुरुआत के संकेत दिए हैं।
गिफ्ट निफ्टी 25,861 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 12 अंकों का प्रीमियम दर्शाता है। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज लगभग सपाट रह सकती है और निवेशक सतर्क रुख अपना सकते हैं।
अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को मिलाजुला प्रदर्शन करते हुए नीचे बंद हुआ। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 49,501 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 में 0.51 प्रतिशत और नैस्डैक में 1.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दिग्गज कंपनियों में एनवीडिया, एएमडी, अल्फाबेट और टेस्ला के शेयरों में गिरावट रही, जबकि ऐप्पल और एली लिली के शेयरों में तेजी दिखी।
डॉलर इंडेक्स 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 96.671 पर पहुंच गया। सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई और यह 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया। कच्चे तेल की कीमतों में ईरान-अमेरिका वार्ता की पुष्टि के बाद गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 68.61 डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 64.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।