Share Market Crash: ईरान युद्ध का असर बाजार पर भारी! निफ्टी 10% धड़ाम, क्या निवेशकों के लिए आगे और बुरा वक्त आने वाला है?

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Share Market Crash: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू शेयर बाजारों में लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। इस दौरान निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और बाजार में भारी गिरावट देखी गई। अब तक निफ्टी करीब 10% तक गिर चुका है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है।

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 01:56 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 01:57 PM IST

(Share Market Crash Today/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • सेंसेक्स 1972 अंक गिरकर 72,560 तक पहुंचा
  • निफ्टी 22,478 के स्तर तक फिसला, 10% गिरावट
  • ईरान-अमेरिका युद्ध से बाजार पर दबाव

नई दिल्ली: Share Market Crash Today: आज सोमवार, 23 मार्च का दिन भी भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर साबित हुआ है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है, जिसका सीधा असर बाजार पर दिख रहा है। वहीं, निवेशकों में डर का माहौल और बाजार लगातार दबाव में बना हुआ है।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल (Sensex and Nifty)

आज सेंसेक्स करीब 1972 अंक गिरकर 72,560.16 के इंट्रा-डे लो लेवल तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी फिसलकर 22,478.15 तक पहुंच गया। खास बात यह है कि निफ्टी 9 अप्रैल 2025 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे बाजार की कमजोरी साफ झलक रही है।

युद्ध का बाजार पर असर (Impact of War on Market)

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट बढ़ गया है। कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर के पार पहुंच चुकी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक युद्ध की स्थिति साफ नहीं होती, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

निफ्टी में बड़ी गिरावट (Major Decline in Nifty)

28 फरवरी से अब तक निफ्टी करीब 10 प्रतिशत गिर चुका है, जबकि अपने उच्चतम स्तर से यह लगभग 14 प्रतिशत नीचे आ गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा हालात में 22,000 का स्तर काफी अहम हो गया है और बाजार उसी के आसपास रह सकता है।

निवेशकों को भारी नुकसान (Heavy Losses for Investors)

बाजार की गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। अनुमान है कि इस दौरान करीब 14 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई। बीएसई 250 इंडेक्स भी करीब 4 प्रतिशत गिर गया। एक समय पर बीएसई की कंपनियों का कुल मार्केट कैप 415 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जो अब घट गया है।

रुपया और FPI का असर (Impact of Rupee and FPI)

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है और 93.89 रुपये प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया है। युद्ध के बाद से रुपया करीब 3 प्रतिशत गिर चुका है। वहीं विदेशी निवेशकों (FPI) ने भी बाजार से पैसा निकालना शुरू कर दिया है। अब तक करीब 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली हो चुकी है, जिससे बाजार पर और दबाव बढ़ा है।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?

ईरान-अमेरिका युद्ध, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितता मुख्य कारण हैं।

निफ्टी में कितनी गिरावट आई है?

निफ्टी 28 फरवरी से अब तक करीब 10% गिर चुका है।

निवेशकों को कितना नुकसान हुआ है?

करीब 14 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

रुपया क्यों कमजोर हो रहा है?

डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण रुपया कमजोर हो रहा है।