(Share Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market Today In India निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के लिए शुरुआती संकेत सकारात्मक दिखाई दे रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty)में करीब 80 अंकों की तेजी दर्ज की गई है, जिससे बाजार की मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा एशियाई बाजारों में भी सुबह के कारोबार में मजबूती देखने को मिल रही है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे इन सकारात्मक संकेतों के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण बाजार में थोड़ी सतर्कता भी बनी हुई है।
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली। टेक शेयरों में खरीदारी और AI से जुड़े स्टॉक्स में मजबूती के कारण प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। नैस्डैक करीब 1.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि डॉव जोंस में लगभग 0.83 प्रतिशत की तेजी रही। वहीं S&P 500 भी करीब 1.01 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ, जो एक महीने से ज्यादा समय में इसकी सबसे बड़ी एक दिन की बढ़त मानी जा रही है। वैश्विक बाजारों में इस तेजी का असर आज भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है।
दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी वजह से तेल की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड करीब 2.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 102.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड भी करीब 2.6 प्रतिशत चढ़कर लगभग 95.92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है।
तेल की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जुड़ी खबरें भी हैं। यह दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है। हाल ही में इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई थी। हालांकि कुछ टैंकरों के सुरक्षित गुजरने की खबर भी सामने आई है, लेकिन फिर भी बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है। इसी कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।
जहां तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है, वहीं सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से सोने की मांग कमजोर पड़ी है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब एक महीने के निचले स्तर के आसपास पहुंच गया है। निवेशक अब आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों और फेड के संकेतों पर नजर रखेंगे, जिससे सोने की कीमतों की दिशा तय हो सकती है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक हाल ही में घरेलू बाजार में एक पुलबैक रैली देखने को मिली। पिछले सत्र में निफ्टी करीब 258 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में लगभग 939 अंकों की तेजी दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर में एक प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। वहीं ऑयल एंड गैस और रियल्टी सेक्टर में दबाव रहा। तकनीकी चार्ट्स के अनुसार निफ्टी ने 22,950 के स्तर के पास मजबूत सपोर्ट लिया और वहां से तेजी से उछाल दिखाया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सत्रों में बाजार में यह पुलबैक रैली आगे भी जारी रह सकती है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।