(Stock Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market Today in India पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद आज सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में थोड़ी राहत देखने को मिल सकती है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 ऊंचे स्तर पर खुलने के संकेत दे रहे हैं। हालांकि बजट 2026 के ऐलानों के बाद निवेशक पूरी तरह आश्वस्त नहीं है और बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। गिफ्ट निफ्टी 24,902 के करीब कारोबार करता नजर आया, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से लगभग 49 अंक ऊपर है और मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है।
रविवार को हुए विशेष ट्रेडिंग सत्र में बजट के प्रस्तावों ने बाजार को झटका दिया। खासतौर पर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने की घोषणा से निवेशकों में घबराहट फैल गई। इसका नतीजा यह रहा कि सेंसेक्स 1,546.84 अंक गिरकर 80,722.94 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 495.20 अंकों की गिरावट आई और यह 24,825.45 पर बंद हुआ।
सोमवार को एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत मिले। चीन के फैक्टरी गतिविधि आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क नजर आए। जापान का निक्केई 225 करीब 0.13% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 2.5% गिर गया। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा था।
अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी बड़ी वजह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पूर्व फेडरल रिजर्व गवर्नर केविन वार्श को अहम पद के लिए नामित करना रहा, जिसे बाजार ने सख्त मौद्रिक नीति वाला कदम माना। डॉऊ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक तीनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
जापान की अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े कुछ हद तक सकारात्मक रहे। जनवरी में वहां की विनिर्माण गतिविधि करीब साढ़े तीन वर्षों में सबसे तेज गति से बढ़ी। हालांकि सरकारी बॉन्ड की कीमतों में गिरावट आई और उनकी यील्ड बढ़ गई, जिससे निवेशकों में थोड़ी चिंता भी देखी गई।
डॉलर इंडेक्स 97.22 के स्तर पर स्थिर रहा। सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखी गई, जबकि चांदी तीन हफ्तों के निचले स्तर से थोड़ी संभली है। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। OPEC प्लस द्वारा उत्पादन में कोई बदलाव न करने और ईरान-अमेरिका बातचीत की खबरों से क्रूड तीन फीसदी से ज्यादा गिरकर 67 डॉलर के करीब पहुंच गया।
आज बाजार की दिशा बजट पर निवेशकों की प्रतिक्रिया से तय होगी। विदेशी संस्थागत निवेशक आज पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। पिछले सत्र में कम वॉल्यूम के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशक ने बिकवाली की थी। एशियाई बाजारों में भी ज्यादातर दबाव बना हुआ है और डाओ फ्यूचर्स कमजोरी दिखा रहे हैं। बजट में सरकार ने वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए 4.3% के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा है। कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये और विनिवेश से 80 हजार करोड़ जुटाने की योजना पेश की गई है, जबकि रक्षा बजट में 22% बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।