baloch army / image source: GKYTweets x handle
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में बीते 40 घंटों में बलोच विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच भयंकर मुठभेड़ हुई। इस दौरान पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के 145 विद्रोहियों को ढेर किया, जबकि 17 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। इस संघर्ष ने प्रांत के कई हिस्सों को दहशत और खौफ में डाल दिया है।
बलूच समूहों से जुड़े विद्रोहियों ने शनिवार की रात से ही क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी में सैन्य ठिकानों, सरकारी कार्यालयों और जेलों पर एक साथ हमले किए। इन हमलों में आम नागरिकों को भी निशाना बनाया गया, जिनमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और मजदूर शामिल हैं। इन हमलों में कम से कम 18 नागरिक मारे गए।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि सुरक्षा बलों ने 40 घंटे तक चले अभियान में आतंकवादियों को पूरी सटीकता के साथ नष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह पिछले दो दिनों में मारे गए आतंकवादियों की सबसे बड़ी संख्या है। बुगती ने कहा, “हमारी खुफिया एजेंसियों ने पहले ही क्वेटा पर बड़े हमले की चेतावनी दी थी, लेकिन आतंकवादियों ने 12 अलग-अलग स्थानों पर हमले किए। इस दौरान दो आत्मघाती हमलावरों सहित कई आतंकवादी मार गिराए गए।”
सुरक्षा बलों ने विद्रोहियों की शांति भंग करने की कोशिशों को नाकाम कर दिया। सेना ने बताया कि अभियान के दौरान तीन आत्मघाती हमलावर और 92 अन्य आतंकवादी मारे गए। इसके अलावा, अभियानों में 15 सैनिकों ने अपनी जान गंवाई। बलूचिस्तान में सुरक्षा कारणों से ट्रेन और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, वहीं सड़क मार्ग कई जगहों पर अवरुद्ध हैं।
बलूचिस्तान की स्थिति गंभीर बनी हुई है। क्वेटा और आसपास के शहरों में आम लोग घर से बाहर निकलने में भी जोखिम महसूस कर रहे हैं। स्थानीय दुकानदार हमदुल्लाह ने कहा, “घर से बाहर निकलना अब जान हथेली पर रखना पड़ता है।” सुरक्षा बलों ने इसे “सफाई अभियान” बताया है, जिसमें विद्रोही समूहों और उनके हमलों का पूरी तरह खात्मा करना मुख्य लक्ष्य है।