Enhanced Data Privacy: UPI प्राइवेसी का बड़ा सच आया सामने! नंबर छिपाने के बाद भी क्यों है खतरे की गुंजाइश? वजह जानकर चौंक जाएंगे

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Enhanced Data Privacy: DPDP नियमें के तहत मोबाइल नंबर और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा जरूरी हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए NPCI UPI ऐप्स और बैंकों के साथ मिलकर प्राइवेसी सुधारने पर काम कर रहा है। जल्दी ही UPI डेटा सुरक्षा को लेकर नए अपडेट सामने आ सकते हैं।

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 01:49 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 02:24 PM IST

(Enhanced Data Privacy/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • UPI यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाने की तैयारी।
  • NPCI ने मोबाइल नंबर मास्किंग पर दिया जोर।
  • 4 सितंबर तक लागू हो सकते हैं नए निर्देश।

Enhanced Data Privacy: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) UPI यूजर्स की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने (Enhanced Data Privacy) के लिए नए कदम उठा रहा है। डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून को लागू करने को लेकर NPCI UPI ऐप्स और पार्टनर बैंकों के साथ बातचीत कर रहा है। UPI सिस्टम में मोबाइल नंबर का इस्तेमाल पहचान और भुगतान सत्यापन के लिए होता है। लेकिन यही नंबर कई बार प्राइवेसी जोखिम का कारण भी बन सकता है।

फोन नंबर मास्क करने की पहल शुरू

NPCI ने पहले ही UPI ऐप्स और बैंकों को ग्राहकों के मोबाइल नंबर मास्क (छिपाने) करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यूजर्स की पहचान और निजी जानकारी को सुरक्षित रखना है। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर प्राइवेसी और सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताएं जाहिर की थीं। जिसके बाद NPCI ने यह कदम उठाया। इस बदलाव को लागू करने के लिए 4 सितंबर तक की समय सीमा तय की गई है।

UPI में दिखेगी सीमित जानकारी

नए नियमों के मुताबिक, UPI ऐप्स और बैंक ग्राहकों की जरूरी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, UPI ID और अकाउंट नंबर को सार्वजनिक इंटरफेस पर पूरी तरह नहीं दिखाएंगे। दूसरे व्यक्ति को केवल मोबाइल नंबर के आखिरी चार अंक दिखाई दे सकते हैं। QR कोड से भुगतान करने के बाद भी यूजर का मोबाइल नंबर दिखाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ऑनलाइन पेमेंट के दौरान निजी जानकारी सुरक्षित (Enhanced Data Privacy) रखने में मदद मिलेगी।

मोबाइल नंबर की जगह यूजरनेम का विकल्प

NPCI UPI यूजर्स को मोबाइल नंबर आधारित ID के अलावा यूजरनेम आधारित UPI ID इस्तेमाल करने का विकल्प देने पर जोर दे रहा है। अभी ज्यादातर लोग अपना मोबाइल नंबर ही UPI ID के रूप में इस्तेमाल करते हैं क्योंकि उन्हें दूसरे विकल्प की जानकारी नहीं होती। नए बदलाव के बाद यूजरनेम को डिफॉल्ट विकल्प बनाने की तैयारी है, जिससे पहचान छिपाने में मदद मिलेगी।

प्राइवेसी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

UPI देश का सबसे लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म है और करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यूजर्स के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा (Enhanced Data Privacy) बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। NPCI का लक्ष्य है कि UPI ऐप्स और बैंक अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझें और ग्राहकों की जानकारी को सुरक्षित रखें। नए नियम लागू होने के बाद डिजिटल पेमेंट का अनुभव और ज्यादा सुरक्षित होने की उम्मीद है।

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NPCI UPI में नया बदलाव क्यों कर रहा है?

NPCI यूजर्स की निजी जानकारी और मोबाइल नंबर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए DPDP कानून के तहत UPI प्राइवेसी नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है।

UPI में मोबाइल नंबर मास्क करने का क्या मतलब है?

मोबाइल नंबर मास्क करने का मतलब है कि भुगतान के दौरान यूजर का पूरा नंबर छिपाया जाएगा और केवल सीमित जानकारी ही दिखाई जाएगी।

UPI पेमेंट में कौन-कौन सी जानकारी छिपाई जाएगी?

मोबाइल नंबर, UPI ID और अकाउंट नंबर जैसी निजी जानकारी को सार्वजनिक इंटरफेस पर सुरक्षित तरीके से दिखाने की व्यवस्था की जाएगी।

क्या UPI ID अब मोबाइल नंबर की जगह यूजरनेम से बन सकेगी?

हां, NPCI यूजर्स को मोबाइल नंबर आधारित ID के अलावा यूजरनेम आधारित UPI ID इस्तेमाल करने का विकल्प देने की तैयारी कर रहा है।