(Ethanol Stove vs LPG Cylinder/ Image Credit: Pexels)
नई दिल्ली: Ethanol Stove vs LPG Cylinder: रसोई में खाना बनाने के लिए ज्यादातर लोग LPG गैस सिलेंडर का उपयोग करते हैं। लेकिन अब एक नई तकनीक चर्चा में है जिसे एथेनॉल चूल्हा कहा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में इस तकनीक की जानकारी दी है। दावा किया जा रहा है कि यह चूल्हा LPG से सस्ता और पर्यावरण के लिए ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, इसे लेकर लोगों में काफी उत्सुकता बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह चूल्हा गन्ने, मक्का और मीठे ज्वार जैसे फसलों से बने एथेनॉल ईंधन पर चलता है।
एथेनॉल चूल्हा एक आधुनिक कुकिंग स्टोव है जो लिक्विड या जेल फॉर्म में एथेनॉल ईंधन पर चलता है। इसमें एक छोटा टैंक होता है जिसमें एथेनॉल भरा जाता है। इसे जलाने पर यह बिना धुआं, गंध और कालिख के तेज आंच देता है। यह ‘सस्टेनेबल कंबशन टेक्नोलॉजी’ पर आधारित है और LPG जैसी ही गर्मी पैदा कर सकता है। इससे खाना जल्दी और साफ तरीके से पकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एथेनॉल चूल्हा LPG की तुलना में कम खर्चीला हो सकता है। एक लीटर एथेनॉल से लंबे समय तक खाना पकाने की सुविधा मिल सकती है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इससे करीब 15 घंटे तक आंच मिल सकती है। नितिन गडकरी ने यह भी बताया है कि एथेनॉल मिश्रण से LPG जैसी आंच प्राप्त की जा सकती है। हालांकि यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है और बड़े स्तर पर इसका उपयोग शुरू नहीं हुआ है।
एथेनॉल एक बायो-फ्यूल है जो फसलों जैसे गन्ना, मक्का और मीठे ज्वार से बनाया जाता है। यह जीवाश्म ईंधन नहीं है। इसलिए इसे पर्यावरण के लिए बेहतर माना जाता है। इसके जलने पर बहुत कम धुआं निकलता है। जिससे रसोई की हवा साफ रहती है। साथ ही इसमें गैस लीक जैसी दुर्घटनाओं का खतरा भी कम बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक सफल होती है तो यह प्रदूषण कम करने और खर्च घटाने में मदद कर सकती है। लेकिन अभी इसका परीक्षण जारी है।