Digital Password: डिजिटल पासवर्ड बनाते समय अपनाएं ये छोटी सी ट्रिक, हैकर्स भी नहीं कर पाएंगे आपका नुकसान!

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Digital Password: आज के डिजिटल समय में बैंकिंग, शॉपिंग, सोशल मीडिया और ऑफिस का अधिकतर काम ऑनलाइन होता है। अगर आपका पासवर्ड कमजोर है, तो हैकर्स आसानी से आपकी निजी जानकारी तक पहुंच सकते हैं, इसलिए मजबूत और सुरक्षित पासवर्ड का होना बेहद जरूरी है।

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 12:38 PM IST,
    Updated On - February 24, 2026 / 01:01 PM IST

(Digital Password/ Image Credit: Pixabay)

HIGHLIGHTS
  • मजबूत पासवर्ड हैकर्स से सुरक्षा की पहली दीवार।
  • पासवर्ड कम से कम 12-16 अक्षरों का और जटिल होना चाहिए।
  • हर अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड जरूरी।

Digital Password: आजकल ज्यादातर काम जैसे बैंकिंग, शॉपिंग, सोशल मीडिया और ऑफिस का काम ऑनलाइन हो गया है। अगर आपका पासवर्ड कमजोर है तो हैकर्स के लिए आपकी निजी जानकारी तक पहुंचना बेहद आसान हो सकता है। ज्यादातर लोग अभी भी 123456, जन्मतिथि या नाम जैसे आसान पावर्ड इस्तेमाल करते हैं, जो कुछ ही सेकंड में क्रैक हो सकते हैं। मजबूत पासवर्ड आपकी डिजिटल सुरक्षा की पहली लाइन है।

पासवर्ड बनाते समय चालाकी (Strong Password)

पासवर्ड जितना लंबा और जटिल होगा, उतना ही सुरक्षित रहेगा। कोशिश करें कि पासवर्ड कम से कम 12 से 16 अक्षरों का हो और इसमें बड़े-छोटे अक्षर, नंबर और विशेष चिन्ह जैसे @, #, $, % शामिल हों। एक आसान तरीका यह है कि किसी वाक्य को आधार बनाएं। उदाहरण के लिए, ‘मुझे हर सुबह 6 बजे चाय पसंद है’ इस वाक्य को अक्षरों, नंबर और चिन्हों के साथ जोड़कर याद रखने योग्य लेकिन सुरक्षित पासवर्ड बनाया जा सकता है।

हर अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड (Different Passwords)

अक्सर लोग एक ही पासवर्ड कई वेबसाइट्स पर इस्तेमाल करते हैं। यह बहुत जोखिम भरा है क्योंकि अगर किसी एक वेबसाइट का डेटा लीक हो जाए तो आपके बाकी अकाउंट भी खतरे में पड़ सकते हैं। इसलिए हर सोशल मीडिया, बैंकिंग और ईमेल अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें। साथ ही समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें, खासकर अगर आपको किसी संदिग्ध गतिविधि पर संदेह हो।

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA)

सिर्फ मजबूत पासवर्ड ही पर्याप्त नहीं है। जहां भी संभव हो, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) एक्टिव करें। इसके जरिए पासवर्ड के अलावा आपके मोबाइल पर आने वाला OTP या ऑथेंटिकेशन ऐप की मदद से लॉगिन करना पड़ता है। यह आपके अकाउंट की सुरक्षा कई गुना बढ़ा देता है और हैकर्स के लिए इसे तोड़ना लगभग असंभव हो जाता है।

ये गलतियां न करें (Do not Share Password)

कभी भी अपना पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें। पब्लिक वाई-फाई पर संवेदनशील अकाउंट में लॉगिन करने से बचें। ब्राउजर में पासवर्ड सेव करते समय सावधानी बरतें और भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करें। इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाने से आपकी डिजिटल दुनिया पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

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मजबूत पासवर्ड क्यों जरूरी है?

मजबूत पासवर्ड आपकी डिजिटल पहचान और निजी जानकारी को हैकर्स से बचाने की पहली सुरक्षा दीवार है।

पासवर्ड बनाते समय क्या ध्यान रखना चाहिए?

पासवर्ड कम से कम 12-16 अक्षरों का होना चाहिए, जिसमें बड़े-छोटे अक्षर, नंबर और विशेष चिन्ह शामिल हों।

क्या हर अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड जरूरी है?

हाँ, हर सोशल मीडिया, बैंकिंग और ईमेल अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें। इससे एक अकाउंट लीक होने पर बाकी सुरक्षित रहते हैं।

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) क्या है?

2FA में पासवर्ड के अलावा मोबाइल पर आने वाला OTP या ऑथेंटिकेशन ऐप से लॉगिन करना होता है। यह सुरक्षा कई गुना बढ़ा देता है।