अलीगढ़ (उप्र), सात फरवरी (भाषा) अलीगढ़ साइबर पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर देश भर में साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ कर उत्तर प्रदेश सहित छह राज्यों से उसके कथित 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि गिरोह के विदेश से भी संबंध होने के संकेत मिले हैं।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अमृत जैन ने बताया कि आरोपियों को पिछले 24 घंटों में ओडिशा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि गिरोह देशभर में व्हाटसऐप ग्रुप के जरिए शेयर बाजार में निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने में संलिप्त था।
जैन ने बताया कि दूरसंचार मंत्रालय के साथ समन्वय कर अलीगढ़ पुलिस के साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने लगभग 600 व्हाटसऐप ग्रुप की पहचान की, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर देश भर के निवेशकों को प्रलोभन देने और ठगी करने में होता था।
पुलिस ने दावा किया कि समय पर कार्रवाई से लगभग 500 करोड़ रुपये के अनुमानित धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिली, जिससे देश भर में 1.5 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हो सकते थे।
एसपी ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब पंजाब नेशनल बैंक के सेवानिवृत्त प्रबंधक दिनेश शर्मा ने 31 जनवरी को साइबर अपराध प्रकोष्ठ से संपर्क किया और व्हाटसऐप ग्रुप-आधारित निवेश योजना के जरिये 11 लाख रुपये की ठगी की शिकायत की।
पुलिस के मुताबिक, शर्मा को कथित तौर पर हर हफ्ते 40 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का प्रलोभन दिया गया था।
जैन ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध प्रकोष्ठ शर्मा से ठगे गए 5.64 लाख रुपये वापस पाने में सफल रही और जांच के दौरान एक बड़े गिरोह के शामिल होने की जानकारी मिली।
अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध प्रकोष्ठ विदेश से काम कर रहे कथित सरगना का पता लगाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और इंटरपोल से मदद मांगेगी। उन्होंने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
भाषा सं जफर धीरज
धीरज