सशक्त और आत्मनिर्भर भारत तभी संभव है, जब इसके नागरिक स्वस्थ हों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

सशक्त और आत्मनिर्भर भारत तभी संभव है, जब इसके नागरिक स्वस्थ हों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

सशक्त और आत्मनिर्भर भारत तभी संभव है, जब इसके नागरिक स्वस्थ हों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
Modified Date: March 20, 2026 / 03:40 pm IST
Published Date: March 20, 2026 3:40 pm IST

(तस्वीर सहित )

मथुरा (उप्र), 20 मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत तभी संभव है, जब इसके नागरिक स्वस्थ हों।

मुर्मू ने यहां वृंदावन स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नवनिर्मित ‘नंद किशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक’ (कैंसर चिकित्सा केंद्र) के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘एक सशक्त और ‘आत्मनिर्भर’ भारत तभी संभव है, जब इसके नागरिक स्वस्थ हों।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज कैंसर सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इस बीमारी का समय पर पता चलना और उच्चस्तरीय उपचार मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कुछ परिवारों की आर्थिक स्थितियां इतनी खराब होती हैं कि उन्हें इस बीमारी का इलाज मुश्किल या लगभग असंभव सा लगता है।’’

मुर्मू ने कहा, ‘‘ऐसे समय में जनसेवा की भावना से काम करने वाले संगठन समाज कल्याण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।’’

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जागरूकता अभियानों और समय पर जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराकर कैंसर की रोकथाम और उसके प्रभावी इलाज पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्‍होंने कहा, ‘‘आज, भारत अपने स्वास्थ्य सेवा ढांचे को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल हर नागरिक तक पहुंचे।’’

मुर्मू ने कहा कि केंद्र सरकार देश के स्वास्थ्य सेवा ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए ठोस और निरंतर कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘आयुष्मान भारत जैसी ऐतिहासिक योजनाओं के माध्यम से, लाखों नागरिकों को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कैंसर का इलाज भी आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आता है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिल रहा है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में नये एम्‍स और मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ हो रही हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत, स्वास्थ्य सेवाओं को प्रौद्योगिकी के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता में वृद्धि हो रही है। टेलीमेडिसिन और ई-स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से, लोग अब अपने घर बैठे ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श कर सकते हैं।

मुर्मू ने कहा, ‘‘सेवा भावना से प्रेरित चिकित्सा संस्थान समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे न केवल बीमारियों का इलाज करते हैं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और सम्मान भी जगाते हैं।’’

उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक विज्ञान और मानवीय करुणा का मेल मानवता के कल्याण के लिए असाधारण कार्य कर सकता है। मुर्मू ने कहा, ‘‘मैं इस महत्वपूर्ण योगदान के लिए इस संस्‍थान को अपनी हार्दिक बधाई देती हूं। आज, हम न केवल एक इमारत का उद्घाटन कर रहे हैं, बल्कि हम उन सभी मरीजों के लिए आशा का एक नया द्वार खोल रहे हैं, जो यहां उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा देखभाल की तलाश में आते हैं।’’

मुर्मू उत्तर प्रदेश की तीन-दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन मथुरा-वृंदावन में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हो रही हैं।

भाषा अरुणव आनन्द सुरेश

सुरेश


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