गाजियाबाद की घटना के बाद मुस्लिम समाज आत्ममंथन करे : अनिल राजभर

गाजियाबाद की घटना के बाद मुस्लिम समाज आत्ममंथन करे : अनिल राजभर

गाजियाबाद की घटना के बाद मुस्लिम समाज आत्ममंथन करे : अनिल राजभर
Modified Date: June 7, 2026 / 10:50 pm IST
Published Date: June 7, 2026 10:50 pm IST

बहराइच, सात जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने गाजियाबाद में एक युवक की हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि मुस्लिम समाज को भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में अपनी भूमिका को लेकर गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए।

राजभर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुस्लिम समाज के लिए बहुत गंभीरता से सोचने का समय आ गया है। आप ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ और भाईचारे की बात करते हैं, लेकिन ऐसी घटना के बाद आप पर कौन विश्वास करेगा?’’

राजभर चितौरा झील स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर आयोजित पार्टी कार्यक्रम ‘हर घर भगवा अभियान, कमल निशान- कमल निशान’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

गाजियाबाद की घटना के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा, ‘‘पुलिस ने दोषी अपराधी को उसके अंजाम तक पहुंचा दिया है। इसके लिए पुलिस की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। ऐसी घटना जहां भी होगी, उसका परिणाम भी यही होगा।’’

उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर माहौल बिगाड़ने या राजनीति करने का प्रयास करने वाले लोग संकीर्ण सोच के हैं।

पुलिस के अनुसार, खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार निवासी सूर्या को 28 मई को एक विवाद के दौरान चाकू मार दिया गया था। बाद में नोएडा के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी असद ने अपने पिता नवाब और अन्य साथियों के साथ मिलकर मोटरसाइकिल चलाने को लेकर हुए विवाद के बाद सूर्या पर हमला करने की साजिश रची थी।

हालांकि, सूर्या के परिजनों का आरोप है कि ईद-उल-अजहा पर बकरे की कुर्बानी देखने से इनकार करने को लेकर हुए विवाद के बाद उसकी हत्या की गई।

इसके बाद 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी असद (19) की 31 मई को पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।

पुलिस ने उसके पिता नवाब तथा उसके मित्रों फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया है।

एक जून को प्रशासन ने असद के घर पर नोटिस चस्पा कर भूमि पर कथित अवैध कब्जे का आरोप लगाया था और 15 दिन के भीतर जवाब न देने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

इस दौरान राजभर ने कहा कि जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार सत्ता में रही, तब-तब सैयद सालार मसूद गाजी जैसे आक्रांताओं के स्थलों को सजाया-संवारा गया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हमेशा पिछड़े और दलित समाज के महापुरुषों का सम्मान करते हुए उनके स्मारकों का निर्माण कराया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने महाराजा सुहेलदेव, रानी दुर्गावती और पृथ्वीराज चौहान जैसी विभूतियों के स्मारक बनवाए हैं।

भाषा

सं, आनन्‍द रवि कांत


लेखक के बारे में