निर्वाचन आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर ‘पीडीए’ मतदाताओं को हटाने की योजना बनाई : अखिलेश यादव

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निर्वाचन आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर 'पीडीए' मतदाताओं को हटाने की योजना बनाई : अखिलेश यादव

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  • Publish Date - February 3, 2026 / 05:20 PM IST,
    Updated On - February 3, 2026 / 05:20 PM IST

लखनऊ, तीन फरवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर सभी जिलों में फॉर्म-7 के जरिये पीडीए के मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाने की योजना बना ली है।

अखिलेश यादव ने सपा मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर सभी जिलों में फॉर्म-7 के जरिये पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय के मतदाताओं के नामों को सूची से हटाने की योजना बना ली है।

भारत निर्वाचन आयोग के प्रारूप फॉर्म-7 के तहत मृत्यु, स्थान परिवर्तन के कारण निर्वाचक/नामावली में अन्य व्यक्ति का नाम सम्मिलित करने पर आपत्ति, अपना नाम हटाने, किसी अन्य व्यक्ति का नाम हटाने के लिए आवेदन किया जाता है।

यादव ने कहा कि आज का मुद्दा बहुत गंभीर है और मुझे लोकसभा का सत्र छोड़कर आपके (पत्रकारों) बीच आना पड़ा है।

सपा प्रमुख ने कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों पर पीडीए मतदाताओं के नाम काटने का दबाव बना रहे हैं, इसके लिए उन्हें धमकाया जा रहा है।

यादव ने कहा कि उनका नाम (संबंधित आईएएस) वह बाद में बताएंगे।

उन्होंने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश में जो (मुख्य निर्वाचन अधिकारी) निर्वाचन आयोग का कामकाज देख रहे हैं, वह इस मामले में किसकी तरफ है।

यादव ने कहा कि इस समय प्रदेश के बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) हताश और निराश हैं और जो बीएलओ हैं, उनका ही वोट काट दिया गया।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन की शुरुआत करते हुए कहा कि फॉर्म-7 को लेकर जगह-जगह से खबर आ रही हैं और यह सूचना मिल रही है कि उसमें भाजपा बड़े पैमाने पर धांधली की तैयारी कर रही है।

उन्होंने कहा कि जिस समय से उन्हें यह सूचना मिलना शुरू हुई उसी समय सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत की और इस संबंध में निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत दी गई है।

सपा प्रमुख ने कहा कि फॉर्म-7 की धांधली के सबूतों के साथ उनकी मांग है कि डाउनलोडेड फॉर्म के सत्यापन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था हो।

उन्होंने कहा कि केवल कागजी औपचारिकता ना हो, बल्कि हर फार्म पर नंबरिंग हो, उस पर ईसीआई का होलोग्राम हो।

यादव ने अब तक जमा किए गए सभी फॉर्म-7 निरस्त किये जाने की मांग भी की।

यादव ने कहा कि “अब तक जमा हुए सभी फॉर्म पर जो हस्ताक्षर हैं, उनकी न्यायिक जांच हो और घपलेबाजी को पकड़ने के लिए एआई का सहारा लिया जाए।

उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 जमा करते समय की सीसीटीवी फुटेज निकाली जाए और जो भी आरोपी पकड़ा जाए उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसके ऊपर राज्य के खिलाफ साजिश करने और धोखाधड़ी करने का मुकदमा चले।

सपा प्रमुख ने सबसे पहले सीतापुर से मिली शिकायत का जिक्र करते हुए कहा कि जानबूझकर मुस्लिम मतदाता के प्रिंटेड फॉर्म-7 जमा कर उनके वोट काटने की साजिश हो रही है।

उन्होंने कहा कि जब इसकी जांच करने के लिए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे कि कौन शिकायत कर रहा है तो जिस व्यक्ति के नाम पर दस्तखत कर शिकायत की गई थी, वह व्यक्ति अंगूठा लगाता था, उसे दस्तखत करना ही नहीं आता था जबकि शिकायत में उसके फर्जी दस्तखत किए गए थे।

उन्होंने दावा किया यह धांधली पूरे उप्र में गाजियाबाद से लेकर गाजीपुर तक चल रही है और जिन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा हारी है उन विधानसभा क्षेत्रों में ये बड़े पैमाने पर हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पीडीए और मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं तथा कन्नौज में मतदान केंद्र से 1,200 मुस्लिम मतदाताओं के नाम कटे हैं।

भाषा

आनन्द

रवि कांत