Manikarnika Ghat Controversy. Image Source- IBC24
वाराणसी/लखनऊः Manikarnika Ghat Controversy काशी में इन दिनों मणिकर्णिका घाट के कायाकल्प का काम चल रहा है। निर्माण कार्य में हो रही तोड़फोड़ को लेकर हंगामा भी बरपा हुआ है। कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियां इसे लेकर बीजेपी सरकार पर हमलावर है। इसी बीच अब इसे लेकर सपा नेता और सांसद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो शेयर कर सरकार पर निशाना साधा है।
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि ‘मुख्य’ कह रहे हैं ‘कुछ नहीं हुआ’; दूसरी तरफ़ ‘अपर’ बिन आँख मिलाए, गोलमोल-टालमटोल अंदाज़ में कह रहे हैं ‘कुछ था’। झूठ के संग यही सबसे बड़ी समस्या होती है कि उसके दो रूप हो सकते हैं। भाजपाई शासन-प्रशासन पहले मिल बैठकर तय कर ले कि सच को छुपाने के लिए झूठा बयान क्या देना है, नहीं तो ‘दो-बयानी’ से झूठ की कलई खुल जाती है और जनता के बीच उनकी खिल्ली उड़ती है साथ ही शासन-प्रशासन को नज़र चुरा कर बात करनी पड़ती है। भाजपाई शासन-प्रशासन, झूठ बोलने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बना ले।
Manikarnika Ghat Controversy वाराणसी का मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म में मोक्ष स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां सरकार द्वारा विकास और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी दौरान सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि घाट पर स्थित मंदिर तोड़े जा रहे हैं, देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमाएं और कलाकृतियां नष्ट की गई हैं। प्रशासन और ठेकेदार कंपनी का कहना है कि ये तस्वीरें और वीडियो फर्जी या AI के जरिए मॉडिफाइड हैं। इनसे न केवल गलत जानकारी फैली, बल्कि धार्मिक भावनाएं भी आहत हुईं। इसी को लेकर ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधि ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर वाराणसी पुलिस ने चौक थाने में AAP सांसद संजय सिंह , कांग्रेस नेता पप्पू यादव, जसविंदर कौर समेत कुल 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपों में भ्रामक जानकारी फैलाना, धार्मिक सद्भाव बिगाड़ना और सोशल मीडिया के जरिए भ्रम उत्पन्न करना शामिल है। मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है।
कांग्रेस का आरोप है कि काशी में माता अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े धार्मिक स्थलों और धरोहरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वाराणसी प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा है कि काशी में विकास के नाम पर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन को चाहिए कि वह पारदर्शिता के साथ पूरे मामले की जांच करे। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर सैकड़ों मंदिरों को तोड़ा गया। इसके बाद स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जुड़े सर्वसेवा संघ आश्रम को वाराणसी में उजाड़ा गया। दालमंडी क्षेत्र में भी तोड़फोड़ की जा रही है। अब विकास के नाम पर धार्मिक विरासतों और धरोहरों को नुकसान पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
‘मुख्य’ कह रहे हैं ‘कुछ नहीं हुआ’; दूसरी तरफ़ ‘अपर’ बिन आँख मिलाए, गोलमोल-टालमटोल अंदाज़ में कह रहे हैं ‘कुछ था’।
झूठ के संग यही सबसे बड़ी समस्या होती है कि उसके दो रूप हो सकते हैं। भाजपाई शासन-प्रशासन पहले मिल बैठकर तय कर ले कि सच को छुपाने के लिए झूठा बयान क्या देना है, नहीं… pic.twitter.com/pXyGrKdKDr
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 18, 2026