महिला आरक्षण विधेयक लाने की तैयारी जनगणना टालकर पीडीए का हक मारने की ‘बड़ी साजिश’ : अखिलेश

Ads

महिला आरक्षण विधेयक लाने की तैयारी जनगणना टालकर पीडीए का हक मारने की 'बड़ी साजिश' : अखिलेश

  •  
  • Publish Date - April 15, 2026 / 12:16 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 12:16 PM IST

लखनऊ, 15 अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर ‘जल्दबाजी’ करके जनगणना को टालने की नीयत रखने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि महिला आरक्षण विधेयक दरअसल पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) का हक मारने की एक ‘बड़ी साजिश’ का हिस्सा है।

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में बृहस्पतिवार को एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है।

सपा प्रमुख ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘एक्स’ पर कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर यह जल्दीबाजी बता रही है कि अब सत्ता से भाजपा जा रही है।

उन्होंने इसी पोस्ट में आगे आरोप लगाते हुए कहा, ”सच तो यह है कि भाजपा जनगणना को टालना चाहती है क्योंकि जनगणना होगी तो जातिगत जनगणना की भी बात उठेगी और फिर आरक्षण की भी, जो भाजपा और उनके संगी-साथी कभी भी देना नहीं चाहते हैं।”

यादव ने कहा कि भाजपा को ये भी अच्छी तरह याद है कि ‘पीडीए’ में ‘ए’ का मतलब ‘आधी आबादी’ अर्थात् महिला भी है। उन्होंने कहा, ”यह विधेयक पीडीए का हक़-अधिकार मारने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।”

सपा प्रमुख ने कहा कि एक बड़ा चुनावी सच यह भी है कि भाजपा की चुनावी घपलेबाजी का अब पूरी तरह से भंडाफोड़ हो गया है और अब भाजपा को चुनावी हेराफेरी का कोई और मौका आसानी से नहीं मिलेगा और ‘सच्चे वोट’ ही, चुनाव का सच्चा नतीजा तय करेंगे।

उन्होंने कहा, ”अब हर तरह से भाजपा की कलई खुल गयी है, इसीलिए उसके समर्थक और वोटरों का अकाल पड़ गया है। भाजपा निराशा के इस दौर से उबरने के लिए यह (महिला आरक्षण) विधेयक ला रही है।”

यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों को अपने लुभावने जुमलों में फंसाकर वोट लेने वाली भाजपा इस बार महिलाओं को लेकर यह पुरानी चाल चल रही है लेकिन वह सफल नहीं होगी क्योंकि भाजपा राज में महिलाएं ही सबसे ज्यादा दुखी हैं।

उन्होंने पोस्ट में आगे कहा, ”भाजपा की कमीशनखोरी व चंदा वसूली की वजह से जो महंगाई बढ़ी है उससे उनकी रसोई सूनी हो गयी है। रही-सही कसर सिलेंडर की बेतहाशा बढ़ती क़ीमतों ने पूरी कर दी है। हर महिला अपने बच्चों को पढ़ाना चाहती है लेकिन भाजपा की शिक्षा विरोधी सोच तो सरकारी स्कूल तक बंद करवा दे रही है।”

सपा प्रमुख ने मेरठ में दशकों पुरानी दुकानों को अवैध बताकर तोड़े जाने का जिक्र करते हुए कहा, ”महिलाओं का दर्द क्या होता है, ये मेरठ के दुकानदारों के परिवार की महिलाओं की आँखों में आए आँसू भी बयां कर रहे हैं और नोएडा की मजदूर और मेड के रूँधे गले के बयान भी। ’’

उन्होंने कहा कि अगर यह विधेयक इतना ही सही है तो इसे मेरठ-नोएडा की पारिवारिक और कामगार महिलाओं के बीच बैठकर घोषित किया जाए।”

भाषा सलीम मनीषा

मनीषा