Home » Uttar Pradesh » Non-Vegetarian Food and Online Delivery Banned Within 15 km of Ayodhya Ram Temple
Ayodhya Ram Mandir: अब यहां ऑनलाइन खाना नहीं मंगवा पाएंगे, लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन का बड़ा फैसला, कंपनियों को दी गई ये हिदायत
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Ayodhya Non Veg food Ban : राम मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए अयोध्या में मंदिर के 15 किलोमीटर दायरे में नॉन-वेज भोजन और उसकी ऑनलाइन डिलीवरी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अयोध्या: उत्तर प्रदेश की रामजन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर की पवित्रता, सांस्कृतिक और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। (Ayodhya Ram Mandir news)अब राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन बेचने के साथ-साथ उसकी ऑनलाइन डिलीवरी पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस आदेश के बाद अब ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी ऐप्स जैसे जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) जैसी कंपनियां इस क्षेत्र में नॉन-वेज खाना नहीं पहुंचा पाएंगी।
ऑनलाइन नहीं मंगा सकते नॉन-वेज फूड
दरअसल, प्रशासन को काफी लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि दुकानों पर नॉन-वेज पर पाबंदी होने के बावजूद लोग ऑनलाइन मोबाइल ऐप्स के जरिए होटलों और होमस्टे में नॉन-वेज मंगवा रहे हैं। (Ayodhya news today )इससे मंदिर के आसपास और परिक्रमा मार्ग के पवित्र वातावरण पर बुरा असर पड़ रहा था। सहायक खाद्य आयुक्त मणिक चंद्र सिंह ने साफ किया है कि सभी डिलीवरी कंपनियों और होटलों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
आपको बता दें कि अब कोई भी पर्यटक या निवासी मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में ऑनलाइन नॉन-वेज ऑर्डर नहीं कर पाएगा। UP Government Decision अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य अयोध्या को एक शुद्ध और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में दुनिया के सामने पेश करना है।
जल्द हटेंगी शराब की दुकानें
आपको बता दें कि अयोध्या राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, वहीं मंदिर के पास स्थित शराब की दुकानों को भी जल्द ही वहां से हटाने की तैयारी चल रही है। Ayodhya Online Delivery प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से अयोध्या आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित रहेगी और वहां का माहौल पूरी तरह सात्विक बना रहेगा।