Bareilly Namaz Controversy: ‘मुसलमान होना अपराध हो गया है’.. नमाजियों के गिरफ्तारी पर बिफरे AIMIM नेता, सुनें क्या कहा..

Bareilly Namaz Viral Video Controversy: वारिस पठान ने आगे कहा कि, "हमारे हिंदू भाई-बहन अपने घरों में नमाज़ पढ़ते हैं। हर कोई पढ़ता है। कोई कभी वीडियो बनाकर अपलोड नहीं करता। कोई किसी के खिलाफ आपत्ति नहीं उठाता। आप इस तरह नफरत फैला रहे हैं कि आप सिर्फ 12 लोगों को गिरफ्तार कर लेंगे।

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 12:41 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 12:41 PM IST

Bareilly Namaz Viral Video Controversy || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • नमाज पढ़ते 12 लोग गिरफ्तार
  • वारिस पठान का यूपी सरकार पर हमला
  • शांति भंग के आरोप में कार्रवाई

बरेली: जिले में नमाज पढ़ते हुए फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने 12 नमाजियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले पर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। (Bareilly Namaz Viral Video Controversy) AIMIM लीडर वारिस पठान ने उत्तर प्रदेश की सरकार और पुलिस पर निशाना साधते हुए सवाल पूछे है।

क्या कहा वारिस पठान ने?

ऑल इंडिया MIM नेता वरिष्ठ पठान ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए कहा कि, “क्या इस देश में मुसलमान होना अपराध बन गया है? बरेली में 12 मुसलमान एक निजी घर में नमाज़ पढ़ रहे थे। किसी ने वीडियो बनाकर पुलिस को दे दिया। पुलिस आई और सबको गिरफ्तार कर लिया। कानून के किस प्रावधान के तहत उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, हिरासत में लिया जा सकता है? संविधान का अनुच्छेद 25 धर्म का पालन करने का अधिकार देता है। वे बस नमाज़ पढ़ रहे थे। वे किसी को परेशान नहीं कर रहे थे। अगर कोई बिना किसी को परेशान किए नमाज़ पढ़ रहा है, तो आप इतनी नफरत क्यों फैला रहे हैं?”

‘हमारे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन’ : वारिस

वारिस पठान ने आगे कहा कि, “हमारे हिंदू भाई-बहन अपने घरों में नमाज़ पढ़ते हैं। हर कोई पढ़ता है। कोई कभी वीडियो बनाकर अपलोड नहीं करता। कोई किसी के खिलाफ आपत्ति नहीं उठाता। (Bareilly Namaz Viral Video Controversy) आप इस तरह नफरत फैला रहे हैं कि आप सिर्फ 12 लोगों को गिरफ्तार कर लेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। यह हमारे संवैधानिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। क्या इसी तरह देश चलता रहेगा।”

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक खाली मकान में 12 लोग ने मदरसा बनाकर सामूहिक नमाज़ पढ़ रहे थे। इस घटना के बाद हिंदू समाज के लोगों ने इस मामले की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल 12 लोगों को शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया था, हालांकि मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद सभी को जमानत मिल गई। इस घटना का वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला बरेली के बिशरतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव का है। यहाँ एक मुस्लिम युवक ने सूने मकान में 12 लोगों को बुलाकर नमाज़ पढ़ना शुरू कर दिया। इस घटना की सूचना जैसे ही हिंदू समाज के लोगों को मिली, उन्होंने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। पुलिस ने अपनी टीम के साथ उसी मकान में दबिश दी।

मकान पर पहुंचकर पुलिस की टीम ने उनसे सामूहिक नमाज़ पढ़ने की लिखित अनुमति मांगी, लेकिन वहां किसी के पास भी पेपर मौजूद नहीं थे। इसके बाद पुलिस वहां मौजूद 12 लोगों को हिरासत में ले लिया, वहीं मौके से 3 अन्य लोग फरार हो गए। (Bareilly Namaz Controversy) पुलिस ने उन्हें सामाजिक शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया और मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। कोर्ट से इन सभी को फिलहाल जमानत मिल गई है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है।

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प्रश्न 1: बरेली नमाज विवाद में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

उत्तर: बरेली के बिशरतगंज थाना क्षेत्र में सामूहिक नमाज पढ़ते 12 लोगों को हिरासत में लिया गया।

प्रश्न 2: पुलिस ने किन आरोपों में गिरफ्तारी की?

उत्तर: पुलिस ने सामाजिक शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई की और बाद में सभी को जमानत मिल गई।

प्रश्न 3: AIMIM नेता वारिस पठान ने क्या कहा?

प्रश्न 3: AIMIM नेता वारिस पठान ने क्या कहा? उत्तर: उन्होंने गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए अनुच्छेद 25 के उल्लंघन का आरोप लगाया।