Reported By: Apurva Pathak
,Bhadrasa Rape Case | Photo Credit: IBC24
अयोध्या: Bhadarsa Rape Case रामनगरी अयोध्या से लगभग 15 किलोमीटर दूर भदरसा क्षेत्र के थाना पूराकलंदर से जुड़े चर्चित गैंगरेप मामले में पॉक्सो प्रथम न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय ने समाजवादी पार्टी नेता मोईद खान को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया, जबकि सह-आरोपी राजू खान को मामले से संबंधित धाराओं में दोषसिद्ध ठहराया है और 20 साल की सजा के साथ 50000 रुपए का जुर्माना लगाया है। दोषसिद्ध राजू खान की सजा के निर्धारण के लिए न्यायालय ने अगली तिथि तय की है।
Ayodhya Bhadarsa Gang Rape मिली जानकारी के अनुसार, मामला 29 जुलाई 2024 को थाना पूराकलंदर में दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद जिले में यह प्रकरण काफी चर्चा में रहा। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बरती गई थी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विधानसभा में इस मामले का उल्लेख किया था। पीड़िता की तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमे में मोईद खान और उसके नौकर राजू खान को आरोपी बनाया गया था। विवेचना के दौरान दोनों आरोपियों का डीएनए परीक्षण कराया गया। न्यायालय में प्रस्तुत डीएनए रिपोर्ट के अनुसार मोईद खान का डीएनए नमूना मेल नहीं पाया गया, जबकि राजू खान का डीएनए पीड़िता से मेल खाता पाया गया। न्यायालय ने डीएनए रिपोर्ट सहित अभिलेख पर उपलब्ध अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए मोईद खान को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया, जबकि राजू खान के विरुद्ध आरोप सिद्ध माने गए।
मोईद खान के अधिवक्ता शाहिद खान ने बताया कि मोईद खान के वकील शाहिद खान ने बताया कि वह मुलाजिम मोईद खान था उसके खिलाफ 29 जुलाई 2024 को पूरा कलंदर थाने में एक fir हुई। उसने अपने नौकर राजू खान के साथ अपनी बेकरी में एक नाबालिक पीड़िता के साथ बलात्कार किया। मेरे पास जब यह केस आया तो मैंने यह fir पढ़ा तो बाद ही मुझे लगा या मामला बनाया हुआ फर्जी लगता है, जो fir की भाषा थी वह बड़ी ही संदिग्ध थी। एक मुलाजिम बलात्कार करता रहा दूसरा मुलाजिम वीडियो बनाता रहा मोईद खान 70 साल का बुड्ढा आदमी है वह 14-15 साल की लड़की के साथ बलात्कार करेगा वीडियो बनायेगा और बड़ा सम्मानित आदमी है, राजनीतिक व्यक्ति है वह ऐसी हरकत क्यों करेगा? विवेचना में विवेचक जब घटनास्थल पर गया घटनास्थल देखा पीड़िता की मां ने जो घटनास्थल दिखाया था वह उसकी बेकरी का पाया ही नहीं गया। बेकरी के काफी दूर चिलबिल के पेड़ के नीचे पाया गया, यह स्टोरी वही गलत पाई गई।
घटनास्थल भी वह नहीं है। बेकरी बताई गई है वीडियो बनाना बताया गया है मोबाइल फोन फॉरेंसिक भेजे गए तो फॉरेंसिक से रिपोर्ट आया कि कभी कोई वीडियो इस मोबाइल से बनाया ही नहीं गया। ऐसा नहीं की डिलीट किया गया। अगर डिलीट किया जाता तो वह रिकवर हो जाता। उसे मोबाइल से कोई वीडियो बनाया ही नहीं गया। सारी बातें दर परत दर झूठी साबित होती चली गई। जिरह में भी असलियत खुल जाती है। जिस तरह से प्रशासन की हरकत थी मुझे लगा कि यह पॉलिटिकली मोटिवेटेड केस है। इस केस को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। मुझे इस वक्त लगा कि यह बेगुनाह है। ट्रायल के बाद बेगुनाह आज वह साबित हुआ। जो गैंगस्टर का मुकदमा चल रहा है उसकी भी जल्दी बेल हो जाएगी। आज उसे नाबालिक गैंग रेप मुकदमे में वह बाईज्जत बरी हुआ है।
मोईद खान के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद पिछले वर्ष 22 अगस्त को मोईद खान का बहुमंजिला शॉपिंग कांप्लेक्स अयोध्या जिला प्रशासन ने ढहा दिया था। साथ ही 3,000 वर्ग फुट क्षेत्र में निर्मित एक बेकरी भी ढहा दी गई थी। दुष्कर्म पीड़िता का लखनऊ के क्वीन मैरी अस्पताल में सात अगस्त को चिकित्सकों ने गर्भपात किया था।
आपको बता दें कि अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के भदरसा में एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर गैंगरेप हुआ। पीड़िता के परिजनों ने यह आरोप लगाया था कि सपा नेता मोईद खान जो भदरसा नगर के अध्यक्ष थे और उनकी बेकरी में काम करने वाले राजू खान ने लड़की को बेकरी में बुलाकर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाया और ब्लैकमेल कर महीनों तक बार-बार दुष्कर्म किया। जब लड़की दो महीने की गर्भवती हो गई, तब जुलाई 2024 में मामला सामने आया।
इसके बाद 30 जुलाई 2024 को पुलिस ने मोईद खान और राजू खान को गिरफ्तार किया। मामला संवेदनशील होने से राजनीतिक बवाल मचा गया। योगी आदित्यनाथ सरकार ने मोईद खान की बेकरी सील कर दी, अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चला दिया। पॉक्सो एक्ट, गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग की धाराओं में केस दर्ज हुआ।