सच को दबाने की कोशिश करने वाली भाजपा सरकार को आज युवाओं की जिद के आगे झुकना ही पड़ा:विपक्ष

सच को दबाने की कोशिश करने वाली भाजपा सरकार को आज युवाओं की जिद के आगे झुकना ही पड़ा:विपक्ष

सच को दबाने की कोशिश करने वाली भाजपा सरकार को आज युवाओं की जिद के आगे झुकना ही पड़ा:विपक्ष
Modified Date: July 25, 2026 / 08:02 pm IST
Published Date: July 25, 2026 8:02 pm IST

लखनऊ, 25 जुलाई (भाषा) कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) समेत उत्तर प्रदेश के विपक्षी दलों ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सच को दबाने की कोशिश करने वाली भाजपा सरकार को आज युवाओं की ज़िद के आगे झुकना ही पड़ा।

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर नयी दिल्ली के जंतर मंतर समेत देशभर में जारी विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजा।

प्रधान ने ‘एक्स’ पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है।

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘लाठियों, आंसू गैस और पुलिसिया दमन के बल पर सच को दबाने की कोशिश करने वाली भाजपा सरकार को आज युवाओं की ज़िद के आगे झुकना ही पड़ा।’’

उन्‍होंने कहा,‘‘यह जीत देश के लाखों उन मेहनती विद्यार्थियों की है जो रातों-रात अपने भविष्य के लिए सड़कों पर डटे रहे। हमारे नेता राहुल गांधी जी और कांग्रेस का हर कार्यकर्ता युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा था और रहेगा।’’

राय ने कहा कि अब मांग स्पष्ट है–इस पूरे तंत्र की गहराई से जांच हो और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी दोषी को न बख्शा जाए।

उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘निस्संदेह, यह हमारी जीत है, हमारे नेता राहुल गांधी की जीत है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाया। दूसरों के विपरीत, जो मैदान छोड़कर चले गए, राहुल गांधी डटे रहे और विरोध कर रहे छात्रों के साथ खड़े रहे।’’

उन्होंने कहा कि कल राहुल गांधी ने पूरे देश को उस बच्चे से मिलवाया जो ‘पैलेट गन’ की चोटों से घायल हुआ था।

राय ने कहा, ‘‘यह निश्चित रूप से उन बच्चों की जीत है जो सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। आम आदमी भी चाहता था कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। हम मांग करते हैं कि उनकी (प्रधान की) जांच हो और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।’’

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया, ‘‘प्यारे बच्चो, यह जीत आपकी है। हम आपके साहस, दृढ़ संकल्प और लगन को सलाम करते हैं, जिसकी वजह से शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देना पड़ा। साथ ही, मुझे इस बात का बहुत अफ़सोस भी है कि आपको इतनी तकलीफ़, मारपीट, सदमे और अपमान का सामना करना पड़ा।’’

उन्होंने कहा कि देश को बदलाव की ज़रूरत है, ऐसा बदलाव जिससे तंत्र में जान-बूझकर फैलाए गए भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सके, ताकि देश तरक्की कर सके और हमारे देश के युवाओं की उम्मीदें और सपने पूरे हो सकें।

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और नगीना (बिजनौर) के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पत्रकारों से कहा,‘‘हमने पहले तय कर लिया था कि नौजवानों के आंदोलन को कमजोर नहीं पड़ने देंगे और आज 25 जुलाई को व्यापक प्रदर्शन आयोजित था।’’

आजाद ने कहा, ”आज पहला दिन था और आज पहले ही दिन सरकार ने धर्मेन्‍द्र प्रधान के इस्तीफे की पहली शर्त मान ली है।’’

सांसद ने कहा , ‘‘ मैं यह कह सकता हूं कि बड़ी मांग पूरी हुई है, इसलिए सोमवार को सदन चलना चाहिए।”

राष्‍ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रामाशीष राय ने कहा कि यह मंत्री द्वारा देर से उठाया गया एक सही कदम है।

सपा की सांसद इकरा हसन ने रामपुर में कहा, ‘‘यह इस्तीफा बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। अगर ऐसा हुआ होता, तो युवाओं को जिन अत्याचारों का सामना करना पड़ा, उनसे बचा जा सकता था। जो लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं, उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।’’

हसन ने कहा, ‘‘अब हमारी मांग है कि युवाओं के लिए एक स्थायी रोडमैप बने और देश के सामने मौजूद अन्य अहम मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हो।’’

फैजाबाद (अयोध्‍या) से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा,‘‘यह छात्रों और युवाओं की जीत है। सरकार को अड़ियल रुख छोड़कर झुकना पड़ा है।’’

प्रसाद ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी सड़क से सदन तक छात्रों के साथ रही, यह लोकतंत्र, युवाओं और छात्रों की जीत है ।

घोसी के सपा सांसद राजीव राय ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि वह भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनरत छात्र-छात्राओं को बधाई देते हैं।

राजीव राय ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार आंदोलनों का दमन करती रही और युवाओं को रोजगार के सपने दिखाकर निराश किया। सांसद ने यह भी कहा कि यह सरकार के पतन की शुरुआत है और आने वाले समय में कई और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिलेंगे।

अमेठी से कांग्रेस के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के बाद कहा, ‘‘यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था। विद्यार्थी एवं युवा इसके लिए प्रदर्शन कर रहे थे और इंडिया गठबंधन छात्रों के समर्थन में था। यह विद्यार्थियों ,विपक्ष और लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है।’’

अमेठी में जिला जिला सतर्कता निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में हिस्सा लेने के बाद किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि आज कहा जा सकता है कि देर आए दुरुस्त आए, यही अगर पहले हुआ होता तो हमारे छात्र बच्चे घायल ना हुए होते।

शर्मा ने कहा कि धरना प्रदर्शन विपक्ष का अधिकार है, अंग्रेजों के खिलाफ गांधी जी धरने पर बैठ जाते थे तो वह भी झुक जाते थे लेकिन यह सरकार तानाशाही रवैया अपनाये हुए थी तथा छात्रों एवं विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं थी।

उधर, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह यादव ने ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया, ‘‘यह देश के नौजवानों की जीत है। यह मोदी (प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी) के अहंकार की हार है। ’’

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अवलेश सिंह ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र को छात्रों के संघर्ष की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा है कि यह अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव के संयुक्त प्रयासों और छात्रों की बुलंद आवाज की जीत है।

सपा विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने कहा, ‘‘शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देश के छात्र युवाओं की जीत है…।भारत की तरुणाई का क्रांतिकारी अभिवादन।’’

भाषा सं आनन्द राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में