ऑनलाइन गेमिंग मंच तक पहुंच पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर केंद्र और उप्र सरकार से जवाब तलब

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ऑनलाइन गेमिंग मंच तक पहुंच पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर केंद्र और उप्र सरकार से जवाब तलब

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 12:49 AM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 12:49 AM IST

लखनऊ, 10 जुलाई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को नाबालिगों की ‘रोब्लॉक्स’ सहित ऑनलाइन गेमिंग मंचों तक पहुंच पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य संबंधित प्राधिकरणों से जवाब मांगा।

याचिका में बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया गया।

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजरी शुक्ला की खंडपीठ ने अधिवक्ता रानी सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने ‘रोब्लॉक्स इंडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’, उसके प्रबंध निदेशक और अन्य संबंधित पक्षों को भी नोटिस जारी कर जल्द से जल्द अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

प्रतिवादियों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर), उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हैं।

याचिका के अनुसार, ‘रोब्लॉक्स’ और इसी तरह के अन्य ऑनलाइन गेमिंग मंच नाबालिगों के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न करते हैं, जिनमें उनके मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक विकास और साइबर सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव शामिल हैं।

याचिका में केंद्र सरकार और अन्य प्राधिकरणों को ऐसे मंच तक नाबालिगों की पहुंच को सीमित या प्रतिबंधित करने के लिए प्रभावी नियामक व्यवस्था बनाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया।

जनहित याचिका में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और सुरक्षा संबंधी जोखिमों की जांच करने तथा उचित सुरक्षा उपायों की सिफारिश करने के लिए बाल मनोवैज्ञानिकों, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, कृत्रिम मेधा(एआई) मॉडरेशन विशेषज्ञों व कानून प्रवर्तन अधिकारियों वाली एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति के गठन का भी अनुरोध किया गया।

याचिका में विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में समय-समय पर कार्यशालाएं, संगोष्ठी और जागरूकता अभियान आयोजित करने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया ताकि बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को ऑनलाइन गेमिंग मंचों के संभावित खतरों के बारे में जानकारी दी जा सके तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा दिया जा सके।

भाषा सं जफर जितेंद्र

जितेंद्र