Flood Relief in Farrukhabad: बाढ़ में डूबे घर, लेकिन बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकी! फर्रूखाबाद के राहत शिविरों में स्मार्ट क्लास से लेकर खेलकूद तक की खास व्यवस्था

फर्रूखाबाद में गंगा और रामगंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने 63 प्रभावित गांवों में राहत और बचाव के व्यापक इंतजाम किए हैं। बाढ़ शरणालयों में बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास, मनोरंजन और खेलकूद की सुविधा के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

Flood Relief in Farrukhabad: बाढ़ में डूबे घर, लेकिन बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकी! फर्रूखाबाद के राहत शिविरों में स्मार्ट क्लास से लेकर खेलकूद तक की खास व्यवस्था
Modified Date: August 19, 2026 / 11:55 pm IST
Published Date: August 19, 2026 11:55 pm IST
HIGHLIGHTS
  • फर्रूखाबाद की तीन तहसीलों के 63 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
  • बाढ़ शरणालयों में बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास, एंटरटेनमेंट रूम और खेलकूद की व्यवस्था।
  • दिलीप की मड़ैया के 25 परिवारों को आवासीय पट्टे दिए जा चुके हैं।

फर्रूखाबाद : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की नीति के तहत फर्रूखाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिख रहा है। गंगा और रामगंगा नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित सदर, अमृतपुर और कायमगंज तहसीलों में राहत और बचाव के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। खास बात यह है कि प्रशासन ने केवल लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर ही ध्यान नहीं दिया है, बल्कि बाढ़ शरणालयों में बच्चों की पढ़ाई, मनोरंजन और खेलकूद की भी व्यवस्था की गई है।वहीं, जिन परिवारों के आशियाने बाढ़ के पानी में कट गए हैं, उन्हें आवासीय पट्टा देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। सदर तहसील के दिलीप की मड़ैया गांव के 25 परिवारों को आवासीय पट्टे दिए जा चुके हैं, जबकि 21 परिवारों के खातों में पट्टे की धनराशि भी उपलब्ध करा दी गई है।

तीनों तहसीलों के 63 गांव प्रभावित

19 अगस्त को नरोरा बैराज से गंगा नदी में 1,15,137 क्यूसेक पानी पास हुआ। पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर 136.85 मीटर दर्ज किया गया, जो 137.10 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। रामगंगा नदी में 75,445 क्यूसेक पानी पास हुआ और रामगंगा सेतु पर भी जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। इसके बावजूद फर्रूखाबाद को प्रदेश के अतिसंवेदनशील बाढ़ प्रभावित जिलों में शामिल किए जाने के कारण प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। जिले की तीनों तहसीलों के 63 गांव, आंशिक आबादी और कृषि क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं।बाढ़ से निपटने के लिए जिले में 52 बाढ़ चौकियां और 24 अस्थाई बाढ़ शरणालय संचालित हैं। सदर में पांच, कायमगंज में 15 और अमृतपुर में 33 बाढ़ चौकियां हैं। तीनों तहसीलों में एक-एक मॉडल शरणालय बनाया गया है। इनमें बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास, एंटरटेनमेंट रूम और खेलने की सुविधा उपलब्ध है। इस तरह प्रशासन ने राहत शिविरों में रह रहे बच्चों की पढ़ाई और मानसिक विकास को भी प्राथमिकता दी है।

बचाव के लिए टीम व उपकरण तैयार

खोज एवं बचाव कार्य के लिए 191 निजी नाव, नाविक व 53 गोताखोर सेफ्टी किट के साथ तैयार हैं। लाइफ जैकेट, लाइफ रिंग, सर्च लाइट, सेफ्टी हेलमेट, रेनकोट, मेगाफोन, रस्सा और अन्य जरूरी संसाधन भी उपलब्ध हैं। 24 घंटे बाढ़ नियंत्रण कक्षों के जरिए स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कलेक्ट्रेट, जिलाधिकारी कैंप कार्यालय और सिंचाई विभाग में नियंत्रण कक्ष संचालित हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 17 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं और 144 मेडिकल कैंप लगाए जा चुके हैं, जहां 8073 लोगों का उपचार हुआ है। 10,413 ओआरएस पैकेट और 9,063 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। पशुओं के लिए छह पशु चिकित्सा टीमें, 14 अस्थाई पशु शरणालय और 54 पशु शिविर संचालित हैं। इनमें 3,273 पशुओं का उपचार और 7,237 का टीकाकरण किया गया है। 120 क्विंटल भूसा भी वितरित किया गया है।

बाढ़ शरणालयों में रखा जा रहा पूरा ध्यान

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों तक खाद्यान्न और पका भोजन भी पहुंचाया है। 10,621 परिवारों को सूखे खाद्यान्न पैकेट दिए जा चुके हैं, जबकि 661 विस्थापित लोगों को बाढ़ शरणालयों में रखा गया है। इन्हें नियमित रूप से नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन दिया जा रहा है। अब तक 7,939 पके भोजन के पैकेट वितरित किए गए हैं।

किसानों को उपलब्ध कराई धान की विशेष प्रजाति

बाढ़ से जिले में 50,775 की आबादी प्रभावित हुई है और 2,881.8 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। 21 परिवारों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 25.20 लाख रुपये गृह अनुदान के रूप में दिए जा चुके हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद फसलों का सर्वे कर पात्र किसानों को कृषि निवेश अनुदान दिया जाएगा। इस बीच कृषि विभाग ने जलभराव सहन करने वाली आईआर-64 सब-1 जैसी धान की प्रजाति किसानों को उपलब्ध कराई है, जो 14 दिन तक जलभराव के बाद भी दोबारा ठीक हो सकती है।जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के साथ उनके पुनर्वास पर भी जोर दे रहा है। जनपद में 2 मॉकड्रिल, बाढ़ राहत चौपाल, 19 स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में एनडीआरफ, एआरएमवाई, फ्लड पीएसी, बाढ़ चौपाल, राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, सिंचाई व अन्य संबंधित विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर सफलतापूर्वक संपन्न कराए हैं।

ये भी पढ़ें


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.