आदित्यनाथ ने ‘बड़ा सोचो, उत्तर प्रदेश सोचो’ का आह्वान किया

आदित्यनाथ ने 'बड़ा सोचो, उत्तर प्रदेश सोचो' का आह्वान किया

आदित्यनाथ ने ‘बड़ा सोचो, उत्तर प्रदेश सोचो’ का आह्वान किया
Modified Date: August 19, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: August 19, 2026 10:33 pm IST

लखनऊ, 19 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को यहां ताज पैलेस होटल का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य ने अपनी पुरानी छवि छोड़ दी है और वह विशेष रूप से पर्यटन, आतिथ्य, बुनियादी ढांचे और निवेश में ‘असीमित क्षमता’ वाले गंतव्य के रूप में उभरा है।

उद्घाटन के बाद सभा को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश कोई साधारण भूमि का टुकड़ा नहीं है, बल्कि ‘भारत का हृदय स्थल’ है, देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत राज्य में गहराई से निहित है।

उन्होंने कहा, ‘जब हम राज्य के बारे में बात करते हैं, तो उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और लखनऊ इसकी राजधानी है। उत्तर प्रदेश के बारे में आम धारणा यह है कि अगर भारत की आत्मा कहीं बसती है, तो वह उत्तर प्रदेश में रहती है।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से राज्य अपनी पहचान को पहचानने और पेश करने में विफल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप “पहचान संकट” पैदा हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘अयोध्या, मथुरा-वृंदावन उत्तर प्रदेश में है, काशी उत्तर प्रदेश में है और प्रयागराज उत्तर प्रदेश में है, राज्य की बौद्ध और जैन विरासत यहां है। यह राज्य भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण से जुड़ा है और बड़ी संख्या में जैन तीर्थ स्थलों का भी घर है।’

पर्यटन का जिक्र करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि जब 2017 में उनकी सरकार सत्ता में आई, तो उत्तर प्रदेश पर्यटन के मामले में देश में तीसरे स्थान पर था, लेकिन तब से पर्यटकों की संख्या में नाटकीय वृद्धि देखी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बदलाव ने उत्तर प्रदेश के बारे में धारणा भी बदल दी है।

आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक बुनियादी ढांचे और विकास के साथ जोड़कर पर्यटन के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ को यूनेस्को द्वारा दी गई मान्यता का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि इसके लिए न केवल बुनियादी ढांचे की जरूरत है बल्कि एक सुरक्षित वातावरण और लोगों के बीच भागीदारी की भावना की भी जरूरत है।

भाषा अभिनव जफर राजकुमार

राजकुमार


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