(तस्वीरों के साथ)
लखनऊ, नौ जून (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस के आरक्षी एवं समकक्ष पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा अब सिर्फ वर्दी का सपना देखने वालों की नहीं, बल्कि हजारों उच्च शिक्षा प्राप्त और बेरोजगार युवाओं की भी परीक्षा बन गई है।
कुल 32,679 पदों के लिए आयोजित की जा रही परीक्ष में इंजीनियरिंग, परास्नातक और व्यावसायिक डिग्री धारण करने वाले कई अभ्यर्थी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
आठ जून से शुरू हुई लिखित परीक्षा 10 जून तक चलेगी। प्रश्न पत्र लीक की आशंकाओं के बीच अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंचकर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में पुलिस आरक्षी और समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा राज्य के सभी 75 जिलों में 1,183 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जा रही है। कुल 28,86,000 से ज्यादा आवेदन आने से मुकाबला बेहद कड़ा है।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले दिन करीब 7.23 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
गोरखपुर की वंदना चौहान के पास स्नातक और बीटीसी की डिग्री है। उन्होंने कहा, ‘‘बीटीसी किया है, लेकिन आठ साल से शिक्षक की कोई भर्ती नहीं आई। नौकरी की जरूरत है, इसलिए पुलिस भर्ती परीक्षा दे रही हूं।’’
विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री रखने वाले बलिया के चंद्र शेखर गुप्ता ने कहा, ‘‘बेरोजगारी ने मजबूर कर दिया। नौकरी मिल जाए, इसलिए आरक्षी का फॉर्म भरा।’’ बीटेक डिग्री धारक बस्ती की चंद्रकला श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘इंजीनियरिंग की नौकरियां आसानी से नहीं मिलतीं। जो मिल जाए, वही करनी पड़ती है।’’
परास्नातक और देवरिया निवासी आशीष सिंह ने कहा, ‘‘भर्ती प्रक्रिया हमेशा योग्यता के हिसाब से मौका नहीं देती। जो पद मिले, उसी के लिए लड़ना पड़ता है।’’
कुशीनगर के एक अभ्यर्थी ने कहा, ‘‘देश में प्रश्नपत्र लीक की खबरें आती रहती हैं। उम्मीद है यहां ऐसी दिक्कत नहीं होगी।’’
हालांकि अधिकारियों का दावा है कि निष्पक्ष परीक्षा के लिए कड़े इंतजाम किये गए हैं, केंद्रों पर सीसीटीवी, मेटल डिटेक्टर और बहु स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
पढ़ाई के दबाव के साथ अभ्यर्थियों को सफर की भी जद्दोजहद करनी पड़ी। लखनऊ के चारबाग समेत कई रेलवे स्टेशनों पर रातभर अभ्यर्थी प्लेटफॉर्म पर पढ़ते या आराम करते दिखे। अभ्यर्थियों को रेलगाड़ियों के देरी से चलने और खचाखच भीड़ की चुनौती का भी सामना करना पड़ा।
रायबरेली से कानपुर आए शिवम कुमार ने बताया, ‘‘आउटर पर ट्रेन रुक गई। समय पर पहुंचने के लिए पैदल दौड़ना पड़ा। पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। परिवार को मुझसे उम्मीद है। बस प्रार्थना है कि प्रश्नपत्र लीक न हो और परिणाम सही आए।’’
राज्य सरकार ने प्रवेश पत्र दिखाने पर रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत किराये में छूट दी, जिससे अभ्यर्थियों को राहत मिली।
कानपुर से नोएडा जा रहे एक अभ्यर्थी ने कहा, ‘‘छूट से सफर का खर्च संभल गया।’’ रेलवे ने भी विशेष इंतजाम किए थे।
अमरोहा के जेएस हिंदू डिग्री कॉलेज में परीक्षा देने आए युवाओं ने कहा कि वे परिवार की आय बढ़ाने और भविष्य सुरक्षित करने के लिए पुलिस में आना चाहते हैं। वाणिज्य और विज्ञान में स्नातक अभ्यर्थियों ने माना कि ‘‘सही करियर के मौके नहीं मिल रहे और महंगाई-बेरोजगारी में आरक्षी पद के लिए आवेदन करना मजबूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब स्थिर सरकारी नौकरी प्राथमिकता है, भले ही योग्यता से कम पद क्यों न हो।’’
भाषा सं किशोर आनन्द
धीरज
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