उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार दसवें दिन भी जारी रहा

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उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार दसवें दिन भी जारी रहा

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  • Publish Date - August 21, 2024 / 08:21 PM IST,
    Updated On - August 21, 2024 / 08:21 PM IST

लखनऊ, 21 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बुधवार को दसवें दिन भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं, क्योंकि जूनियर डॉक्टरों ने कोलकता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु महिला डाक्टर के साथ कथित बलात्कार और उसकी हत्या के खिलाफ कार्य बहिष्कार जारी रखा।

‘उप्र रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए)’ के प्रदेश अध्यक्ष डा हरदीप जोगी ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आज दसवें दिन भी जारी रही। आज भी प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों में ओपीडी और अन्य सेवायें बाधित रहीं ।”

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी मेडिकल कालेजों में जूनियर डॉक्टर शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जूनियर डॉक्टर पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टरों का हर तरह से समर्थन करते हैं।

राज्य की राजधानी लखनऊ में इस हड़ताल का असर केजीएमयू के साथ-साथ एसपीजीआई, लोहिया समेत अन्य अस्पतालों में भी दिख रहा है।

पिछले सप्ताह कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी के दौरान परास्नातक प्रशिक्षु (पीजीटी) महिला डॉक्टर के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या कर दी गई थी ।

इस डॉक्टर का शव नौ अगस्त को अस्पताल के संगोष्ठी कक्ष के अंदर मिला था। अपराध में कथित संलिप्तता को लेकर अगले दिन एक नागरिक स्वयंसेवक को गिरफ्तार किया गया था।

जूनियर डॉक्टर मांग कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, उन्हें कड़ी सजा दी जाए और पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 13 अगस्त को इस मामले की जांच कोलकाता पुलिस से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश दिया, जिसने 14 अगस्त को अपनी जांच शुरू की।

भाषा जफर

राजकुमार

राजकुमार