लखनऊ, 21 सितंबर (भाषा) लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की नर्सिंग छात्राओं ने दिव्यांशी यादव नाम की छात्रा की कथित तौर पर डेंगू से मौत की घटना को लेकर सोमवार को विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी छात्राओं ने दावा किया कि केजीएमयू प्रशासन गंभीर रूप से बीमार होने पर भी उपस्थिति बनाए रखने का दबाव बनाता है और चिकित्सा अवकाश नहीं देता।
एक प्रदर्शनकारी छात्रा ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, “यहां बीएससी नर्सिंग की दूसरे वर्ष की छात्रा और मेरी सहेली की शनिवार को डेंगू से मौत हो गई। हम इस मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे हैं और यहीं मर रहे हैं। एक सप्ताह पहले मैं बीमार थी।”
छात्रा ने कहा, “अगर किसी को पांच मिनट की देरी हो जाती है, तो उसे अनुपस्थित दिखा दिया जाता है। जब यहां हम सुरक्षित नहीं हैं, तो कैसे दूसरे मरीजों को सुरक्षित कर सकते हैं।”
विरोध-प्रदर्शन में शामिल एक अन्य छात्रा ने बताया, “दिव्यांशी 2025 बैच से थी और उसे डेंगू हो गया था, लेकिन फिर भी वह कॉलेज आई। मृत्यु शैय्या पर भी वह उपस्थिति को लेकर चिंतित थी। छात्राओं को प्रतिदिन आने के लिए बाध्य किया जाता है।”
छात्रा ने कहा, “हमारे पास उन शिक्षकों का संदेश है, जो हमसे दवा खाकर कॉलेज आने के लिए कहते हैं।”
संपर्क किए जाने पर केजीएमयू के प्रवक्ता प्रोफेसर केके सिंह ने कहा, “पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके ओझा, डीन प्रोफेसर अमिता पांडेय, वाइस डीन प्रोफेसर स्मृति अग्रवाल, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर रास कुशवाहा और प्राचार्य सुचानाराय भौमिक शामिल हैं।”
भाषा
अरुणव राजेंद्र पारुल
पारुल