‘छत पर सौर ऊर्जा’: देश में लखनऊ का पहला स्थान,शीर्ष 100 में उप्र के 17 जिले शामिल

‘छत पर सौर ऊर्जा’: देश में लखनऊ का पहला स्थान,शीर्ष 100 में उप्र के 17 जिले शामिल

‘छत पर सौर ऊर्जा’: देश में लखनऊ का पहला स्थान,शीर्ष 100 में उप्र के 17 जिले शामिल
Modified Date: August 1, 2026 / 08:28 pm IST
Published Date: August 1, 2026 8:28 pm IST

लखनऊ, एक अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत ‘छत पर स्थापना योग्य सौर ऊर्जा प्रणाली’ को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन किया है और देश के शीर्ष 100 जनपदों की सूची में उप्र के 17 जिले शामिल हैं। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक ओर उपलब्धि हासिल की है।

यह उपलब्धि न केवल प्रदेश में सौर ऊर्जा के तेजी से बढ़ते विस्तार को दर्शाती है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उत्तर प्रदेश की मजबूत प्रगति का भी प्रमाण है।

इस दौरान उप्र नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह ने बताया कि लखनऊ ने छत पर 1,24,167 सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना के साथ-साथ देश में अपना प्रथम स्थान बरकरार रखा है।

लखनऊ में बड़ी संख्या में घरों के छत पर सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना से यह उपलब्धि संभव हुई है।

वाराणसी ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में सौर ऊर्जा को लेकर चल रहे अभियान का सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

इसके अलावा कानपुर नगर 14वें स्थान पर पहुंचकर प्रदेश के औद्योगिक शहरों में हरित ऊर्जा अपनाने की दिशा में नई मिसाल पेश कर रहा है।

प्रदेश के 17 जनपदों का देश के शीर्ष 100 जिलों में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में छत पर सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना को लेकर जागरुकता, सरकारी प्रोत्साहन और योजनाओं का प्रभाव तेजी से बढ़ा है।

बयान के अनुसार देश के सौ शीर्ष जिलों में उप्र के लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, बरेली, आगरा, प्रयागराज, झांसी, रायबरेली, गोरखपुर,सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बाराबंकी, अलीगढ़, शाहजहांपुर, सीतापुर और उन्नाव समेत कुल 17 जिले शामिल हैं।

बयान में यह भी कहा गया है कि देश के शीर्ष 100 जनपदों में 17 जिलों की मौजूदगी और लखनऊ का लगातार नंबर-एक स्थान, इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश हरित ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।

भाषा आनन्द संतोष

संतोष


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