CM Yogi Adityanath Vision: गोशालाओं को अब संरक्षण के साथ बनाया जाएगा आत्मनिर्भरता का मॉडल.. बैठक में 25 सूत्रीय एजेंडे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया

Ads

उत्तर प्रदेश में गोशालाओं को संरक्षण के साथ आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी तेज हो गई है। 25 सूत्रीय एजेंडे में गोबर-गोमूत्र से जैविक खाद, बायोगैस और पंचगव्य उत्पाद तैयार कर उनकी बिक्री, किसानों के लिए कैटल शेड और घायल गोवंश के लिए 24×7 एंबुलेंस सेवा जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

  •  
  • Publish Date - September 12, 2026 / 11:50 PM IST,
    Updated On - September 12, 2026 / 11:58 PM IST

CM Yogi Adityanath Vision || Image- CM Yogi Twitter

HIGHLIGHTS
  • गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
  • गोबर-गोमूत्र से बनेंगे उपयोगी उत्पाद
  • घायल गोवंश के लिए 24×7 एंबुलेंस

Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath Vision: लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में गोशालाओं को प्राकृतिक कृषि, जैविक उर्वरक, बायोगैस, पंचगव्य आधारित उत्पादों और ग्रामीण रोजगार से जोड़ने की दिशा में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (UPCAR) के संयुक्त सहयोग से कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में 25 सूत्रीय एजेंडे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

पिकअप भवन में आयोजित बैठक में गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने गोवंश संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना में वर्तमान में एक से चार गोवंश सुपुर्द किए जाने की सीमा बढ़ाकर अधिकतम 10 गोवंश किए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे अधिक संख्या में इच्छुक कृषक और पशुपालक गोवंश संरक्षण से जुड़ सकेंगे तथा योजना की पहुंच और प्रभाव बढ़ेगा।

Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath Vision: आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल ने विभिन्न मंडलों और जनपदों में गोवंशों की देखभाल और गोशाला प्रबंधन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गंभीरता व जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपेक्षा की।

आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने सड़क दुर्घटनाओं अथवा अन्य कारणों से घायल गोवंशों को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 24×7 समर्पित एंबुलेंस सेवा शुरू करने का सुझाव दिया। इसके जरिए घायल गोवंशों को तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय या उपयुक्त चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाया जा सकेगा। सदस्य दीपक गोयल ने गोशालाओं में मृत होने वाले गोवंशों के सम्मानजनक और व्यवस्थित निस्तारण के लिए स्थानीय परिस्थितियों व निर्धारित मानकों के अनुरूप समर्पित स्थल विकसित करने का सुझाव दिया। सदस्य राजेश सिंह सेंगर ने गोशालाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की अपेक्षा की।

कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के सुझावों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता गोशालाओं को अधिक व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाना है।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath Vision: किसानों के यहां वीबीजी-रामजी योजना के तहत पक्के कैटल शेड, यूरिन टैंक और नाद के निर्माण, बड़े गो संरक्षण केंद्रों और अस्थायी गो आश्रय स्थलों में बायोगैस संयंत्रों की स्थापना तथा गोबर-गोमूत्र से जीवामृत, घन जीवामृत, बीजामृत और अन्य कृषि उपयोगी उत्पाद तैयार कर उनके विपणन की व्यवस्था पर विचार हुआ। कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने संबंधित विभागों को आयोग द्वारा प्रस्तुत विषयों पर आवश्यक समन्वय के साथ आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के डीजी डॉ. संजय सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इन्हें भी पढ़ें:

‘ग्लोबल साउथ’ को नियम तय करने वाला बनना होगा: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी

शी चिनफिंग, मोदी की मुलाकात के सकारात्मक नतीजे को लेकर आशावादी : विशेषज्ञ

युवा किताबें पढ़ना चाहते हैं, हमें उन तक किताबें पहुंचानी होंगी: मुख्यमंत्री योगी

काशी में विदेशी पर्यटकों के सामने ‘विकास’ पानी-पानी : अखिलेश यादव

सेबी ने वायदा-विकल्प सौदों के निपटान मूल्य तय करने की पद्धति में बदलाव का प्रस्ताव रखा

Q1. यूपी में गोशालाओं को आत्मनिर्भर कैसे बनाया जाएगा?

A: गोबर-गोमूत्र से खाद, बायोगैस और पंचगव्य उत्पाद तैयार कर उनकी बिक्री की जाएगी।

Q2. गोशाला योजना में गोवंश की सीमा कितनी बढ़ाने का सुझाव है?

A: मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना में अधिकतम 10 गोवंश करने का सुझाव दिया गया है।

Q3. घायल गोवंश के लिए क्या नई व्यवस्था प्रस्तावित है?

A: घायल गोवंश को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 24×7 समर्पित एंबुलेंस सेवा प्रस्तावित है।