गोरखपुर (उप्र), 17 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को युवाओं को नशे की लत और स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल के खिलाफ आगाह करते हुए कहा कि दोनों ही युवा पीढ़ी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के लिए अधिक समय देने का आह्वान किया।
यहां नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आयोजित पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘वर्तमान में दो तरह के नशे युवा पीढ़ी के जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। एक है नशे की लत। हम सभी को नशा माफिया से मुकाबला करने के लिए तैयार रहना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दूसरा है स्मार्टफोन की लत। स्मार्टफोन पर बिताए जाने वाले 90 प्रतिशत समय का कोई उपयोग नहीं है। अगर आप पांच से छह घंटे बचाकर उसमें से एक घंटा भी अपने शरीर को दे सकें तो आप स्वस्थ हो जाएंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मस्तिष्क बनता है और स्वस्थ मस्तिष्क युवाओं को भारत को मजबूत एवं सक्षम बनाने में बेहतर योगदान देने में मदद करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘शारीरिक गतिविधियां युवाओं को मानसिक तनाव से मुक्त रहने और चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने में भी मदद करती हैं।’’
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही नई युवा नीति लाएगी, जिसके तहत युवाओं के लिए कई कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्रों की मदद के लिए ‘अभ्युदय’ कोचिंग कार्यक्रम का विस्तार कॉलेजों और विश्वविद्यालयों तक भौतिक एवं ऑनलाइन, दोनों माध्यमों से करने की योजना बनाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अभ्युदय को हर कॉलेज और विश्वविद्यालय तक ले जाएंगे। हर युवा इससे जुड़ सकेगा और उसे एक मंच मिलेगा।’’
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना राज्य सरकार की एक नि:शुल्क कोचिंग पहल है, जिसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद के लिए शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में एक रोजगार क्षेत्र स्थापित किया जा रहा है, जहां कौशल विकास और रोजगार के अवसर एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने युवाओं का शोषण करने वाले माफिया तत्वों को भी चेतावनी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘चाहे परीक्षा माफिया हो, शिक्षा माफिया, खेल माफिया या नशा माफिया, उनकी गलत मंशाएं युवा शक्ति की सबसे बड़ी दुश्मन हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अहमदाबाद में होने वाले 2030 राष्ट्रमंडल खेल भारतीय खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर होंगे और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को अभी से इसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसी नीति बनाई है जिसके तहत देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले ही 500 से अधिक नौकरियां दे चुके हैं। खेल विभाग में सहायक निदेशक से लेकर डीएसपी तक के पद देश के लिए पदक जीतने वाले युवाओं को दिए गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 500 और पदक विजेताओं को जल्द ही नौकरी दी जाएगी।
खिलाड़ियों को दिए जाने वाले वित्तीय प्रोत्साहनों का उल्लेख करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को छह करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को चार करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को दो करोड़ रुपये देती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये दिए जाते हैं, जबकि राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाते हैं।’’
उन्होंने कहा कि सरकार उन निजी खेल अकादमियों को सहयोग देगी जो युवा प्रतिभाओं की पहचान करके उन्हें प्रशिक्षण देने का काम करती हैं। उन्होंने पारंपरिक ‘अखाड़ों’ से भी अपना पंजीकरण कराने का आह्वान किया।
भाषा सं जफर
अमित
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