मथुरा: शाही ईदगाह कमेटी के सचिव पर फौजदारी मामला दर्ज करने की अर्जी पर सुनवाई आठ सितंबर को होगी

मथुरा: शाही ईदगाह कमेटी के सचिव पर फौजदारी मामला दर्ज करने की अर्जी पर सुनवाई आठ सितंबर को होगी

मथुरा: शाही ईदगाह कमेटी के सचिव पर फौजदारी मामला दर्ज करने की अर्जी पर सुनवाई आठ सितंबर को होगी
Modified Date: August 25, 2023 / 06:51 pm IST
Published Date: August 25, 2023 6:51 pm IST

मथुरा (उप्र), 25 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद को लेकर

शाही ईदगाह इंतेजामिया कमेटी के सचिव एवं सदस्यों पर फौजदारी मामला दर्ज किए जाने की अर्जी पर अब आगे की सुनवाई आठ सितंबर को होगी।

जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि अदालत ने इस मामले में बृहस्पतिवार देर शाम संबंधित थाने से किसी भी प्रकार का मामला दर्ज किए जाने अथवा नहीं किए जाने संबंधी स्थिति की रिपोर्ट मांगी है और मामले पर अगली सुनवाई आठ सितंबर को तय की गयी है।

गौरतलब है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष पांडेय ने बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल कर फौजदारी मामला दर्ज किए जाने का अनुरोध किया है।

उन्होंने शाही ईदगाह इंतेजामिया कमेटी के सचिव एवं सदस्यों आदि पर आरोप लगाए हैं कि इन लोगों ने ईदगाह के नाम कोई भूमि नहीं होने पर भी गलत तथ्यों के आधार पर कमेटी का पंजीकरण कराया है तथा उसके आधार पर दशकों से दान आदि एकत्र करते चले आ रहे हैं।

पांडेय ने कमेटी के लोगों पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने कम से कम 50 वर्ष से कटिया कनेक्शन कर लाखों रुपये की बिजली चोरी की, लेकिन जब विद्युत विभाग ने विद्युत चोरी पकड़ी तो केवल एक वर्ष के बिजली बिल का भुगतान करके और दंड राशि देकर बच गये। पांडेय ने कहा कि इन लोगों के खिलाफ फौजदारी कानून के तहत मामला दर्ज करके कार्यवाही की जानी चाहिए।

दूसरी ओर, शाही ईदगाह कमेटी के सचिव अधिवक्ता तनवीर अहमद ने कहा, ”कुछ लोग जो ना तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारी हैं और ना ही सदस्य हैं, वे माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, ”मैं ईदगाह कमेटी का सचिव होने के नाते सभी मुकदमों की पैरवी कर रहा हूं, इसलिए ये लोग मुझे रास्ते से हटाने की कोशिश कर रहे हैं।”

भाषा सं आनन्‍द

संतोष

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