मोहन भागवत ने हिन्दू एकता व सामाजिक समरसता का मंत्र दिया

मोहन भागवत ने हिन्दू एकता व सामाजिक समरसता का मंत्र दिया

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 10:44 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 10:44 PM IST

मथुरा (उप्र), पांच जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को हिंदू एकता और समरसता का मंत्र दिया और नागरिक कर्तव्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए ‘पंच परिवर्तन’ के सूत्र दोहराये।

वृन्दावन में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक के अवसर पर प्रारम्भिक बातचीत में संघ प्रमुख ने हिन्दू समाज के बिखराव को रोकने तथा एकजुटता के लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रयास करने का संकल्प याद दिलाया।

संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की इस राष्ट्रीय बैठक में भाग लेने के लिए भागवत रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वृन्दावन स्थित केशवधाम पहुंच गए। केशवधाम में उनका एक सप्ताह का प्रवास है।

आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा कि भागवत ने संघ की स्थापना के सौ साल पूर्ण होने पर गत वर्ष विजयादशमी के अवसर पर तय किए गए आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन (परिवार संस्कार), पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए ‘पंच परिवर्तन’ के सूत्र को दोहराया।

उन्होंने बताया कि संघ प्रमुख अपने प्रवास के दौरान वृन्दावन में निर्माणाधीन विश्व के सर्वाधिक ऊंचे (700 फुट) ‘वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर’ के दर्शन करेंगे और दोपहर में यमुना किनारे केशी घाट के निकट परिक्रमा मार्ग में स्थित सुदामा कुटी के संस्थापक संत सुदामा दास के वृन्दावन आगमन के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह की शुरुआत करेंगे।

सुदामा कुटी आश्रम के व्यवस्थापकों के अनुसार इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आमंत्रित हैं।

भाषा सं आनन्द नोमान

नोमान