घुमंतू समाज को दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेंगी,सम्मान संग मिलेगा विकास का अवसर:मुख्यमंत्री

Ads

घुमंतू समाज को दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेंगी,सम्मान संग मिलेगा विकास का अवसर:मुख्यमंत्री

  •  
  • Publish Date - August 6, 2026 / 03:26 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 03:26 PM IST

लखनऊ, छह अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘घुमंतू विकास बोर्ड’ के गठन के बाद घुमंतू समाज के लोगों को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा और सरकार उन्हें सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिलाने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।

प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा ‘घुमंतू विकास बोर्ड’ के गठन के निर्णय के बाद घुमंतू समाज को ओर से आयोजित आभार एवं अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड का गठन बिना जाति, क्षेत्र, भाषा अथवा किसी प्रकार के भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की सोच की नई कड़ी है।

उन्होंने कहा, ”घुमंतू विकास बोर्ड केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह वर्षों से उपेक्षित घुमंतू समाज को न्याय, सम्मान और अवसर दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने 1871 के ‘अपराधी ठहराने वाला आदिवासी कानून’ (क्रिमिनल ट्राइब एक्ट) के माध्यम से उन वीर समुदायों को अपराधी घोषित कर दिया था, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई थी।

उन्होंने कहा कि 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इन जातियों को कलंकित किया ताकि उनका सामाजिक सम्मान समाप्त हो जाए।

आदित्यनाथ ने कहा कि स्वतंत्र भारत में बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने इस अन्याय को समाप्त करते हुए इन समुदायों को ‘विमुक्त जाति’ का सम्मान दिलाया था मगर उनके समुचित विकास के लिए अपेक्षित प्रयास लंबे समय तक नहीं किये गये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष घुमंतू समाज के सम्मेलन में उनके समक्ष बोर्ड गठन की मांग रखी गई थी और उन्होंने उसी समय इसकी घोषणा की थी।

उन्होंने कहा कि अब बोर्ड के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और इसकी संरचना ऐसी होगी जिसमें विभिन्न घुमंतू एवं विमुक्त जातियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो।

इस मौके पर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतू समाज के कल्याण के लिए घुमंतू विकास बोर्ड के गठन का निर्णय ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी है।

उन्होंने कहा कि यह बोर्ड विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को विमुक्त एवं घुमंतू समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सेतु बनेगा और उनके जीवन में व्यापक परिवर्तन लाएगा।

अरुण ने कहा कि लोग कहने लगे हैं कि यह समाज अब घुमंतू नहीं, टिकंतू हो रहा है। अब उनके पास अपना घर है, बिजली है, आजीविका के साधन हैं और सम्मान के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

भाषा सलीम संतोष

संतोष