Swami Avimukteshwaranand News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले, “सरकार से बड़ा पद हम तुम्हें धर्म क्षेत्र में देंगे”.. सस्पेंडेड सिटी मजिस्ट्रेट को शंकराचार्य का खुला ऑफर..

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Swami Avimukteshwaranand News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि, "हम चाहते है कि, आपके जैसे निष्ठावान लोग सनातन धर्म की सेवा में आगे आये। जो पद आपको सरकार ने दिया था, उससे बड़ा पद हम आपको धर्म के क्षेत्र में देने के लिए प्रस्ताव करते है"

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  • Publish Date - January 27, 2026 / 11:07 AM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 11:07 AM IST

Swami Avimukteshwaranand News || Image- Sachin Gupta News

HIGHLIGHTS
  • सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित
  • विभागीय जांच के आदेश जारी
  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन बयान

बरेली: उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। (Swami Avimukteshwaranand News) उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। बरेली मंडल आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच पूरी होने तक अलंकार अग्निहोत्री को शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रशासन पर लगाए थे गंभीर आरोप

यह कार्रवाई उस घटनाक्रम के बाद हुई है, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कथित तौर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े मामले और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने शंकराचार्य के शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया था और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे।

अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया था कि उन्हें जिलाधिकारी आवास पर बंधक जैसी स्थिति में रखा गया और प्रशासनिक दबाव बनाया गया। (Swami Avimukteshwaranand News) उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को ‘काला कानून’ करार देते हुए कहा था कि ये नियम कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

मेल से भेजा था इस्तीफा

यूजीसी के नए नियमों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियों, हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र के गठन का प्रावधान किया गया है, ताकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों का समाधान किया जा सके। बताया गया है कि प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के 2019 बैच के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ई-मेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा था।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर की बात

इस बीच, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बातचीत की। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने निलंबित सिटी मजिस्ट्रट से फोन कॉल पर बात करते हुए कहा कि, “हमारे मन में दो तरह की प्रतिक्रिया आपके समाचार सुनने से हो रही है। एक तो दुःख हो रहा है कि, कितनी लगन और मेहनत से अपने पढ़ाई-लिखाई की होगी और तब जाकर आप इस पद पर आये होंगे, (Swami Avimukteshwaranand News) आज एक झटके में आपका पद चला गया और दूसरी तरफ सनातन और सनातन के प्रतीकों के प्रति गहन निष्ठा का प्रदर्शन किया है, उससे पूरा सनातनी समाज प्रसन्न है और आपका अभिनन्दन करता है।”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि, “हम चाहते है कि, आपके जैसे निष्ठावान लोग सनातन धर्म की सेवा में आगे आये। जो पद आपको सरकार ने दिया था, उससे बड़ा पद हम आपको धर्म के क्षेत्र में देने के लिए प्रस्ताव करते है”

इन्हें भी पढ़ें:-

Q1. अलंकार अग्निहोत्री को क्यों निलंबित किया गया?

👉 प्रशासन पर गंभीर आरोप और इस्तीफे की घोषणा के बाद कार्रवाई की गई।

Q2. विभागीय जांच की जिम्मेदारी किसे दी गई है?

👉 बरेली मंडल आयुक्त को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

Q3. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने क्या प्रस्ताव दिया?

👉 सरकार से बड़ा पद धर्म क्षेत्र में देने का प्रस्ताव दिया।