अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए सिंधी समुदाय की ओर से दान की गई 200 किलोग्राम चांदी को लेकर उठे सवाल

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अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए सिंधी समुदाय की ओर से दान की गई 200 किलोग्राम चांदी को लेकर उठे सवाल

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 07:54 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 07:54 PM IST

लखनऊ, 25 जून (भाषा) अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए दिये गये दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच सिंधी समुदाय के एक प्रतिनिधि ने जनवरी 2021 में मंदिर के लिए दान की गई लगभग 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों के इस्तेमाल के बारे में पारदर्शिता की मांग की है।

सिंधी समाज के प्रतिनिधि और विश्व सिंधी सेवा संगम के अध्यक्ष डॉक्टर राजू वी. मनवानी ने बृहस्पतिवार को लेह में ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत के दौरान कहा कि भारत और विदेश में रहने वाले सिंधी समुदाय के लगभग 200 श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण में योगदान के लिए 26 जनवरी 2021 को चांदी की ये ईंट दान की थीं।

मनवानी के मुताबिक श्रद्धालुओं ने अलग-अलग मात्रा में चांदी की ईंट दान की थीं।

उन्होंने कहा कि किसी ने एक तो किसी ने 10 ईंट दी थी और ये ईंट मंदिर परियोजना में इस्तेमाल के लिए पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ सौंपी गई थीं।

मनवानी बताया कि दान लेते समय कोई रसीद जारी नहीं की गई थी।

उन्होंने बताया कि दानदाताओं को भरोसा था कि उनके योगदान का इस्तेमाल मंदिर के निर्माण में सही तरीके से किया जाएगा, इसलिए उन्होंने रसीद के बारे में ज्यादा नहीं सोचा।

मनवानी ने बताया कि हालांकि हाल की खबरों और मंदिर के दान व चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के मद्देनजर समुदाय ने चांदी की ईंटों के इस्तेमाल के बारे में जानकारी मांगी है और अनुरोध किया है कि रसीदें या संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होंने कहा कि समुदाय की ओर से दान की गई चांदी की कीमत करीब दो करोड रुपये थी और इसके इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।

मनवानी ने दावा किया कि दानदाताओं को शुरू में बताया गया था कि चांदी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी, उसके इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी जाएगी और बाद में रसीदें जारी की जाएंगी।

उन्होंने कहा, ”हम बस यह जानना चाहते हैं कि क्या हमारे समुदाय द्वारा दान की गईं चांदी की ईंटों का इस्तेमाल वास्तव में राम लला मंदिर में किया गया था और हम इससे संबंधित दस्तावेज हासिल करना चाहते हैं।’

मनवानी ने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने और न ही दानदाताओं ने इस मामले को लेकर कोई मुकदमा दर्ज कराया है।

मनवानी ने कहा कि उन्होंने केवल सिंधी समुदाय के प्रतिनिधि के तौर पर काम किया और उनके पास सभी दानदाताओं के रिकॉर्ड उपलब्ध हैं जिसमें चांदी की खरीद से जुड़े फॉर्म और भुगतान की जानकारी शामिल है।

उन्होंने कहा कि सिंधी समुदाय किसी भी जांच में पूरा सहयोग करेगा और अगर कोई अधिकारी या मंदिर में दान तथा चढ़ावे में घोटाले के आरोपों की जांच कर रहा विशेष जांच दल (एसआईटी) मांग करता हैं तो सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएगा।

आरोपों की जारी जांच का जिक्र करते हुए मनवानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और समुदाय सरकार की अगली कार्रवाई का इंतजार करेगा।

उन्होंने कहा कि सिंधी समाज का मकसद कोई विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था हो जिससे भक्तों की आस्था बनी रहे और मंदिरों में दिए गए दान का हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से हो।

राज्य सरकार ने अयोध्या के राम मंदिर में मिलने वाले नकद दान, कीमती धातुओं, गहनों और अन्य चढ़ावे के हिसाब-किताब और प्रबंधन में गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिये लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है, जिसने सोमवार को अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी हैं। भाषा चंदन सलीम जोहेब

जोहेब