सहारनपुर का हत्या-खुदकुशी मामला: परिवार के पांच सदस्यों की अंत्येष्टि हुई

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सहारनपुर का हत्या-खुदकुशी मामला: परिवार के पांच सदस्यों की अंत्येष्टि हुई

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  • Publish Date - January 21, 2026 / 09:50 PM IST,
    Updated On - January 21, 2026 / 09:50 PM IST

सहारनपुर (उप्र), 21 जनवरी (भाषा) सहारनपुर में हत्या-खुदकुशी मामले में भूमि सर्वेक्षक अशोक राठी, उनकी पत्नी, मां और दो नाबालिग बेटों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव खरीबंस में एक साथ किया गया।

मंगलवार सुबह पुलिस को सरसावा थाना क्षेत्र के कौशिक विहार कॉलोनी स्थित घर के अंदर अशोक राठी (40), उनकी पत्नी अजंता (37), उनकी मां विद्यावती (70) और उनके बेटों कार्तिक (16) एवं देव (13) के शव मिले थे और शवों पर गोली मारे जाने के निशान थे।

इस बीच, पुलिस बुधवार को इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी रही कि आखिर किस वजह से उन्होंने कथित तौर पर अपने परिवार की हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली।

पुलिस ने बताया कि मंगलवार शाम को पांच चिताएं एक साथ जलाई गईं, जिससे वहां मौजूद शोककुल लोगों की आंखें नम हो गईं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आशीष तिवारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर सरसावा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है और घटना से पहले अशोक राठी द्वारा अपनी बहन को कथित तौर पर भेजा गया एक ऑडियो संदेश महत्वपूर्ण सबूत के रूप में हासिल किया गया है।

तिवारी ने कहा, ‘हमने अशोक राठी द्वारा अपनी बहन पिंकी को भेजे गए ऑडियो संदेश को सुरक्षित रख लिया है। यह संदेश तड़के करीब तीन बजे भेजा गया था और सुबह देखा गया। इससे संकेत मिलता है कि अपने परिवार के सदस्यों की हत्या करने के बाद उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।’

उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि परिवार के सभी पांचों सदस्यों की मौत गोली लगने के कारण हुई है। एसएसपी ने कहा, ‘सभी मृतकों के सिर और सीने पर चोट के निशान पाए गए हैं।’

अशोक राठी के शव के पास से तीन देसी तमंचे और लगभग 10 खाली खोखे बरामद किए गए हैं।

तिवारी ने कहा, ‘हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि अशोक ने ये तमंचे और कारतूस कहां से हासिल किए।’

उन्होंने कहा कि घटनास्थल से कुछ ‘मूड’ बदलने वाली दवाएं भी मिली हैं, जिनके बारे में पुलिस को संदेह है कि इनका इस्तेमाल अपराध को अंजाम देने में किया गया होगा। उन्होंने कहा, ‘इस पहलू की भी जांच की जा रही है।’

पुलिस के मुताबिक, अशोक कोविड-19 महामारी के दौरान बीमार पड़ गए थे और पीजीआई चंडीगढ़ से अवसाद का उनका इलाज चल रहा था।

तिवारी ने कहा, ‘हम उनके मेडिकल इतिहास की जांच कर रहे हैं। उनके मोबाइल फोन से मिले ऑडियो संदेशों से यह मामला ‘हत्या-आत्महत्या’ का लग रहा है।’

एसएसपी ने बताया कि जांचकर्ताओं को जीवन की स्थिति को लेकर परिवार के भीतर मतभेद का पता चला है। अशोक और उनकी मां पैतृक घर में रहना चाहते थे, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे सरसावा में बने नए घर में जाना चाहते थे।

उन्होंने कहा, ‘नए घर में जाने का ‘मुहूर्त’ एक फरवरी तय किया गया था और उसकी तैयारियां चल रही थीं।’

तिवारी ने कहा कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घर में कई कमरे होने के बावजूद घटना की रात पूरा परिवार एक ही कमरे में क्यों सो रहा था।

भाषा सं राजेंद्र नोमान

नोमान