संभल, आठ जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के चंदौसी की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद की सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तारीख तय की।
यह मुकदमा दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था।
शाही जामा मस्जिद के वकील शकील अहमद वारसी ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले की सुनवाई आज (बृहस्पतिवार को) होनी थी लेकिन उच्चतम न्यायालय में स्थगन आदेश होने के कारण सुनवाई टाल दी गई और अब अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी।
मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई की वैधता को चुनौती दी थी लेकिन पिछले साल 19 मई को अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की इजाजत दी गई थी और मामले को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था।
हिंदू पक्ष के वकील गोपाल शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि चूंकि इस मामले में उच्चतम न्यायालय का स्थगन आदेश है, इसलिए अधीनस्थ न्यायालय कोई आदेश जारी नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में इस मामले की सुनवाई 12 जनवरी को होगी।
यह विवाद पिछले साल 19 नवंबर को उस समय हुआ था, जब वकील हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल जिला अदालत में एक मुकदमा दायर कर दावा किया था कि मस्जिद एक पहले से मौजूद मंदिर के ऊपर बनाई गई थी।
उसी दिन (19 नवंबर) अदालत के आदेश पर एक सर्वेक्षण किया गया, जिसके बाद 24 नवंबर को दूसरा सर्वेक्षण किया गया।
दूसरे सर्वे के कारण संभल में हिंसा भड़क गयी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क व मस्जिद कमेटी के प्रमुख जफर अली के साथ-साथ 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
भाषा सं जफर मनीषा जितेंद्र
जितेंद्र