संभल, 26 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के संभल जिले के शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले में कार्यवाही पर रोक के उच्चतम न्यायालय के आदेश के मद्देनजर चंदौसी की एक अदालत ने मंगलवार को सुनवाई 21 जुलाई तक टाल दी।
यह मामला मंगलवार को चंदौसी स्थित सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था।
शाही जामा मस्जिद पक्ष के वकील शकील अहमद वारसी ने संवाददाताओं को बताया कि इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होनी थी, लेकिन कार्यवाही पर रोक के उच्चतम न्यायालय के आदेश के चलते मामला 21 जलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया।
अधिवक्ता हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ताओं ने 19 नवंबर 2024 को संभल जिला अदालत में एक मुकदमा दायर किया, जिसमें दावा किया गया कि शाही जामा मस्जिद एक मंदिर के ऊपर बनाई गई थी।
मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मामले की वैधता को चुनौती दी, लेकिन 19 मई 2025 को उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें अदालत की निगरानी में परिसर में सर्वेक्षण की अनुमति दी गई थी।
हिंदू पक्ष के वकील श्रीगोपाल शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि चूंकि इस मामले में कार्यवाही पर सर्वोच्च न्यायालय का स्थगन आदेश है, इसलिए निचली अदालत कोई भी आदेश जारी नहीं कर सकती है।
अदालत के आदेशानुसार 19 नवंबर 2025 को विवादित ढांचे का सर्वेक्षण किया गया था। 24 नवंबर को टीम फिर सर्वेक्षण के लिए परिसर पहुंची, तो वहां हिंसा भड़क उठी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए।
पुलिस ने इस मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और शाही जामा मस्जिद प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जफर अली के अलावा 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
भाषा
सं सलीम पारुल
पारुल