समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री राम गोविंद चौधरी का निधन

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री राम गोविंद चौधरी का निधन

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री राम गोविंद चौधरी का निधन
Modified Date: September 26, 2026 / 12:34 am IST
Published Date: September 26, 2026 12:34 am IST

बलिया/लखनऊ (उप्र), 25 सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री राम गोविंद चौधरी का शुक्रवार रात लखनऊ स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह करीब 74 वर्ष के थे। सपा के एक नेता ने यह जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

सपा के मीडिया प्रभारी सुशील पांडेय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके राम गोविंद चौधरी ने शुक्रवार रात करीब नौ बजे एसजीपीजीआई में अंतिम सांस ली। चौधरी लंबे समय से हृदय और गुर्दे संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उनके हृदय का ऑपरेशन भी हुआ था। मैक्स अस्पताल, लखनऊ में भी उनका लंबे समय तक उपचार चला और डायलिसिस हुई। करीब दो सप्ताह पहले उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था।

छात्र जीवन से ही संघर्ष शुरू करने वाले चौधरी समाजवादी आंदोलन से जुड़े और जीवनभर समाज के कमजोर तथा वंचित वर्गों की आवाज उठाते रहे।

बलिया जिले के सिकंदरपुर क्षेत्र के एक गांव में नौ जुलाई 1953 को जन्मे चौधरी तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। वर्ष 1972 में वह टाउन कॉलेज छात्रसंघ के महामंत्री और 1974 में अध्यक्ष निर्वाचित हुए।

आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और जनपद छात्र युवा वाहिनी के सह-संयोजक रहे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया था और आंदोलन के दौरान टीडी कॉलेज परिसर से उन्हें गिरफ्तार किया गया। करीब 24 महीने जेल में रहने के बाद जब वह बलिया जेल से बाहर आए, तो उनके राजनीतिक जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ।

उनकी रिहाई का दिन भी एक महत्वपूर्ण संयोग लेकर आया। उसी दिन बलिया कलेक्ट्रेट में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर लोकसभा चुनाव के लिए बलिया से नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे।

राम गोविंद चौधरी के साथ उमड़े छात्रों के हुजूम को देखकर चंद्रशेखर ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया। यह मुलाकात आगे चलकर उनके बीच आत्मीय संबंध और राजनीतिक मार्गदर्शन का आधार बनी।

वर्ष 1977 में चौधरी ने तत्कालीन चिलकहर विधानसभा क्षेत्र से जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने 1977 से 1991 तक लगातार पांच बार इस क्षेत्र का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया।

मुलायम सिंह यादव के मंत्रिमंडल में 1991 में वह पहली बार मंत्री बने और कैबिनेट मंत्री के रूप में खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यान विभाग की जिम्मेदारी संभाली।

वर्ष 2000 में वह समाजवादी जनता पार्टी (सजपा) के प्रदेश अध्यक्ष बने। वर्ष 2002 में उन्होंने बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से सजपा के उम्मीदवार के रूप में सपा के समर्थन से चुनाव लड़ा और तत्कालीन कैबिनेट मंत्री बच्चा पाठक को हराकर विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2004 में मुलायम सिंह यादव के मंत्रिमंडल में उन्हें बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया।

वर्ष 2007 में वह बांसडीह सीट से चुनाव हार गए, लेकिन 2012 में उन्होंने फिर इस सीट पर जीत हासिल की और अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में बेसिक शिक्षा तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कैबिनेट मंत्री बने। बाद में उन्होंने समाज कल्याण और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली।

वर्ष 2017 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार केतकी सिंह को हराया। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली।

संपूर्ण क्रांति के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण के साथ काम कर चुके चौधरी पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के करीबी माने जाते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही बलिया में शोक की लहर दौड़ गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में शोक व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मंत्री राम गोविंद चौधरी का निधन अत्यंत दुःखद है। विनम्र श्रद्धांजलि। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।’’

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का निधन अत्यंत दुःखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।’’

प्रदेश के अन्य प्रमुख नेताओं ने भी चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

भाषा

सं, आनन्द

रवि कांत


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