Shahjahanpur News: इस शहर के मस्जिदों को तिरपाल से किया गया नजरबंद, प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला, जानें क्या है वजह

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Shahjahanpur News: इस शहर के मस्जिदों को तिरपाल से किया गया नजरबंद, प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला, जानें क्या है वजह

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  • Publish Date - February 25, 2026 / 12:11 PM IST,
    Updated On - February 25, 2026 / 12:12 PM IST

Shahjahanpur Masjid UnderCover | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • शाहजहांपुर में अनोखी जूतामार होली का आयोजन होता है
  • प्रशासन ने 92 मस्जिदों को त्रिपाल से ढका
  • बड़े और छोटे लाट साहब का जुलूस परंपरा और आक्रोश का प्रतीक है

शाहजहांपुर: Shahjahanpur Masjid UnderCover अगले महीने 4 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा। जिसको लेकर अभी से तैयारी शुरू हो चुकी है। वहीं उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में लाट साहब की जुलूस निकाली जाती है। इस दौरान जूतामार होली मनाई जाती है। जिसके चलते प्रशासन ने यहां 92 मस्जिदों को त्रिपाल से ढका गया है। प्रशासन ने ऐसा कदम इसलिए उठाया है क्योंकि होली के रंग के दौरान कोई शरारती तत्व इबादत ग्रह पर रंग ना डाल दें।

क्या है पूरा मामला

Shahjahanpur Masjid UnderCover दरअसल, शाहजहांपुर में पूरे विश्व की अनोखी जूतामार होली खेली जाती है। बताया जा रहा है कि यहां एक शख्स को भैसागाड़ी में बैठाया जाता है और फिर उसे जूते और चप्पल से पीटा जाता है। इस तरह का जुलूस अंग्रेजों के प्रति अपना आक्रोश प्रकट करने के लिए निकाला जाता है। शाहजहांपुर में होली का त्योहार बेहद संवेदनशील माना जाता है। रंग से सराबोर करते हुरियारे, चीखते चिल्लाते हुए लाट साहब पर चप्पलों एवं जूतों की बौछार करते हैं।

प्रशासन द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द को कायम रखने के उद्देश्य से बड़े एवं छोटे लाट साहब के रूट पर पड़ने वाली लगभग छोटी बड़ी 92 मस्जिदों को पॉलिपैक से कवर्ड किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए और किसी प्रकार की अनहोनी ना हो इसके मद्देनजर शहर के 92 इबादत ग्रहों को त्रिपाल से ढक दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि होली के रंग के दौरान कोई हुड़दंगी मस्जिद पर रंग ना डाल दे इसके लिए यह आवश्यक कदम उठाया गया है।

शाहजहांपुर में अलग ढंग से मनाई जाती है होली

बता दें कि होली का त्योहार पूरे देश में मनाया जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में अनोखी होली मनाई जाती है। यहां कोतवाली थाना क्षेत्र में बड़े लाट साहब एवं रामचन्द्र मिशन थाना क्षेत्र में छोटे लाट साहब का जुलूस निकाला जाता है। यह जुलूस अपने आप में अनोखा एवं पारंपरिक जुलूस है।

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शाहजहांपुर में होली कैसे मनाई जाती है?

यहां लाट साहब का जुलूस निकाला जाता है, जिसमें व्यक्ति को भैंसागाड़ी पर बैठाकर जूतों और चप्पलों से पीटा जाता है।

मस्जिदों को क्यों ढका गया है?

ताकि होली के रंग के दौरान कोई शरारती तत्व मस्जिदों पर रंग न डाल सके और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे।

कितनी मस्जिदों को ढका गया है?

कुल 92 मस्जिदों को त्रिपाल से ढका गया है।