लखनऊ, 27 अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ का पोर्टल जारी करने के साथ-साथ ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया। योगी ने कहा कि स्टार्टअप अब प्रदेश को लेकर दुनिया की धारणा को बदलने में भी मदद कर रहे हैं।
आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप अनुकूल परिवेश को नई गति देने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ की पुस्तिका का विमोचन एवं ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ के पोर्टल का उद्घाटन किया।
राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक कार्यक्रम में स्टार्टअप नीति के तहत 107 स्टार्टअप को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का नौ ‘इनक्यूबेटर’ को एक करोड 79 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया। नए इनक्यूबेटर को मान्यता प्रमाण-पत्र और विभिन्न स्टार्टअप को प्रोत्साहन प्रमाण-पत्र भी वितरित किये गये।
‘इनक्यूबेटर’ वह केंद्र होते हैं जो स्टार्टअप को मार्गदर्शन और जरूरी संसाधन की सुविधा प्रदान करते हैं।
आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं और उनके विचारों और व्यवसायों को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए वित्त पोषण, ‘इनक्यूबेशन’ सहायता और मंच प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप संबंधी परिवेश 2014 से पहले के लगभग 500 स्टार्टअप से बढ़कर अब 2.5 लाख से अधिक हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इकाइयों की संख्या 2017 से पहले के 120 से बढ़कर अब 24,000 से अधिक हो गई हैं। इनमें से आठ स्टार्टअप यूनिकॉर्न हैं।”
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप उत्तर प्रदेश की धारणा को बदलने में भी मदद कर रहे हैं।
आदित्यनाथ ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले राज्य के बाहर उत्तर प्रदेश के लोगों को संदेह की दृष्टि से देखा जाता था और लोग इस प्रदेश को खराब सड़कों, स्कूलों, कॉलेजों और बाजारों के लंबे समय तक बंद रहने, पथराव और कर्फ्यू से जोड़ते थे।
उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले पांच वर्षों में राज्य में दंगे की 700 से अधिक बड़ी घटनाएं हुई थीं लिहाजा ऐसी परिस्थितियों में रोजगार, इनक्यूबेटर, शिक्षा और नवाचार पर चर्चा करना ‘एक सपना’ था।
आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप और इनक्यूबेटर आपस में जुड़ी चीजें हैं और इन्हें मजबूती से जोड़े रखने के लिये जनता के विश्वास, सरकारी प्रतिबद्धता और उचित नीतियों पर आधारित एक पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवा और प्रतिभाशाली श्रम शक्ति मौजूद है और सरकार की भूमिका उसे अवसर प्रदान करने की है।
उन्होंने कहा, ‘‘जो बात मुझे और भी अधिक पसंद है वह यह है कि इनमें से आधे स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो हमारी आबादी का आधा हिस्सा हैं।’’
आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी कानपुर, आईआईटी-बीएचयू और ट्रिपल आईटी आदि संस्थानों के प्रस्तावों का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल ही में नए स्टार्टअप के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन पेश किया है और अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों को एक अलग कोष प्रदान किया है।
भाषा चंदन सलीम
मनीषा संतोष
संतोष