विकसित भारत-2047 का लक्ष्य युवाओं की सक्रिय भूमिका से ही प्राप्त किया जा सकता है: आनंदीबेन पटेल

विकसित भारत-2047 का लक्ष्य युवाओं की सक्रिय भूमिका से ही प्राप्त किया जा सकता है: आनंदीबेन पटेल

विकसित भारत-2047 का लक्ष्य युवाओं की सक्रिय भूमिका से ही प्राप्त किया जा सकता है: आनंदीबेन पटेल
Modified Date: July 20, 2026 / 08:50 pm IST
Published Date: July 20, 2026 8:50 pm IST

मेरठ, 20 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य ज्ञान, नवाचार व सेवा भावना के साथ किसान, गांव और समाज के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही हासिल किया जा सकता है।

राज्यपाल ने सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी) के 19वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उपाधि केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व निभाने का संकल्प भी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान व कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर कृषि, ग्रामीण विकास और किसान कल्याण के लिए करने का आह्वान किया।

पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कृषि शिक्षा, पशुपालन, ग्रामीण उद्यमिता, खाद्य प्रसंस्करण, नवाचार और किसान कल्याण का एक सशक्त केंद्र है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के माध्यम से किसानों, पशुपालकों, युवाओं तथा ग्रामीण महिलाओं तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने का विश्वविद्यालय का कार्य सराहनीय है।

समारोह में विभिन्न संकायों के 450 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं।

छात्र आशुतोष शर्मा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चांसलर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक तथा शिक्षकों को विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए।

राज्यपाल ने कहा कि अनेक महिलाएं औपचारिक शिक्षा प्राप्त किए बिना भी अपने परिश्रम और उद्यमिता के बल पर करोड़ों रुपये का कारोबार कर रही हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे उदाहरणों से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

पटेल ने कृषि विविधीकरण, आधुनिक तकनीक और साझा अनुसंधान को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया तथा दीक्षांत समारोह को 15 दिन के ‘दीक्षोत्सव’ के रूप में आयोजित करने का सुझाव दिया।

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राज्य सरकार कृषि अनुसंधान, जैव प्रौद्योगिकी, ड्रोन प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा, डिजिटल कृषि और कृषि स्टार्टअप के क्षेत्र में युवाओं के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने विद्यार्थियों से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।

भाषा सं. सलीम जितेंद्र

जितेंद्र


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