शिक्षा की सार्थकता परिवार और देश का नाम रोशन करने में है: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

शिक्षा की सार्थकता परिवार और देश का नाम रोशन करने में है: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

शिक्षा की सार्थकता परिवार और देश का नाम रोशन करने में है: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
Modified Date: July 31, 2026 / 10:53 pm IST
Published Date: July 31, 2026 10:53 pm IST

लखनऊ, 31 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को कहा कि अपने परिवार, समाज, विश्वविद्यालय और देश का नाम रोशन करना ही शिक्षा की वास्तविक सार्थकता है।

जन भवन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में लखनऊ विश्वविद्यालय का 69वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में कुल 1,25,285 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 57,166 छात्र और 68,119 छात्राएं शामिल हैं।

समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए 111 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 204 पदक प्रदान किए गए। पदक प्राप्त करने वालों में 81 छात्राएं और 30 छात्र शामिल रहे।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा, ‘‘यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, गुरुजनों, परिवारजनों और मित्रों की भी है।’’

उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उपाधि और पदक प्राप्त करने वालों में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। यह समाज में आ रहे सकारात्मक बदलाव का मजबूत संकेत है तथा बेटियों की प्रतिभा, परिश्रम, कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारियों के बेहतर निर्वहन का प्रेरणादायक प्रमाण है।

राज्यपाल ने कहा कि पिछले सात वर्षों से विश्वविद्यालयों के परीक्षा परिणामों का अवलोकन करने पर यह सामने आया है कि छात्राओं का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है, जबकि छात्र अपेक्षाकृत पीछे रह रहे हैं।

पटेल ने इसे गंभीर अध्ययन का विषय बताते हुए विश्वविद्यालय को इस संबंध में शोध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शोध के निष्कर्षों के आधार पर ही यह समझा जा सकेगा कि इसके पीछे कौन-कौन से कारण हैं।

राज्यपाल ने युवाओं से दहेज जैसी सामाजिक कुरीति से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि दहेज के लिए महिलाओं की हत्या जैसे अपराध अत्यंत निंदनीय हैं।

उन्होंने बेटियों से कहा कि यदि कोई दहेज की मांग करता है तो ऐसी शादी से स्पष्ट रूप से इनकार कर देना चाहिए।

उन्होंने कुलपति को निर्देश दिए कि वह जेल का दौरा करें और आजीवन कारावास की सजा काट रहे सामूहिक हत्याओं के दोषियों से मुलाकात कर इस विषय पर शोध कराएं कि किन मानसिक, सामाजिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण व्यक्ति ऐसे जघन्य अपराध कर बैठते हैं।

उन्होंने कहा कि शोध के निष्कर्ष अपराधों की रोकथाम के लिए समाज को नयी दिशा दे सकते हैं।

राज्यपाल ने छोटी बच्चियों के साथ हो रही दुष्कर्म की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विश्वविद्यालय से समाज में व्यापक जन-जागरुकता अभियान चलाने, शपथ कार्यक्रम आयोजित करने और युवाओं में नैतिक मूल्यों तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने समारोह के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदिकर का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा, अनुसंधान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनका योगदान देश के लिए प्रेरणादायक है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी और मुख्य अतिथि प्रो. अभय करंदिकर ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

भाषा

आनन्द रवि कांत


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