सपा में बड़ी टूट होगी, कई नेता भाजपा में शामिल होने को तैयार: ओम प्रकाश राजभर

सपा में बड़ी टूट होगी, कई नेता भाजपा में शामिल होने को तैयार: ओम प्रकाश राजभर

सपा में बड़ी टूट होगी, कई नेता भाजपा में शामिल होने को तैयार: ओम प्रकाश राजभर
Modified Date: June 17, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: June 17, 2026 7:38 pm IST

लखनऊ, 17 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) में ‘‘बड़ी टूट होगी’’ और कई नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं।

समाजवादी पार्टी ने इन दावों को खारिज किया है। राजभर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि सपा नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा है। हालांकि, उन्होंने कथित पत्र के बारे में कोई विवरण नहीं दिया।

राजभर ने कहा, ‘‘समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा है।’’

उन्होंने पिछले मामलों की जांच का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सपा पर दबाव बढ़ रहा है।

राजभर ने कहा, ‘‘खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है, यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। जैसे-जैसे शिकंजा कस रहा है, सपा की चिंता बढ़ती जा रही है।’’

उन्होंने दावा किया कि यह स्थिति केवल महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है और ‘‘समूची सपा भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार बैठी है।’’

राजभर उत्तर प्रदेश में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल सुभासपा के प्रमुख हैं।

राजभर के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने इन दावों को खारिज किया और आरोप लगाया कि राजभर के बेटे अरुण राजभर ने मंगलवार रात सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवास पर उनसे मुलाकात की थी।

एक पोस्ट में चांद ने दावा किया, “अरुण राजभर ने पिछड़े वर्ग की राजनीति को बचाने के लिए सुभासपा का सपा में विलय का अनुरोध किया था और ओम प्रकाश राजभर भाजपा के दबाव में हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि राजभर के बयान को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि वह दबाव में हैं और उन्हें भाजपा द्वारा ‘ब्लैकमेल’ किया जा रहा है।

ये दावे ऐसे समय में किए गए हैं जब तृणमूल कांग्रेस अप्रत्याशित टूट का सामना कर रही है, जबकि विपक्षी खेमे में एक अन्य प्रमुख पार्टी शिवसेना (उबाठा) संकट का सामना कर रही है क्योंकि उसके नौ लोकसभा सांसद कथित तौर पर सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने को इच्छुक हैं।

भाषा जफर राजेंद्र खारी संतोष

संतोष


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