माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से पैदल लौट रहे बागपत के दो भाई
माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से पैदल लौट रहे बागपत के दो भाई
बागपत, नौ अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के चिरचिटा गांव के दो भाई हरिद्वार से करीब 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर वापस लौट रहे हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
माता-पिता के प्रति सेवा और सम्मान के इस अनोखे भाव को देखकर लोग और राहगीर दोनों भाइयों की सराहना कर रहे हैं और उन्हें ‘कलयुग का श्रवण कुमार’ बता रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, चिरचिटा गांव निवासी संजीव कुमार और अनिल कुमार हरिद्वार गए थे। वहां उन्होंने हर की पौड़ी से गंगाजल लिया और कांवड़ की दोनों टोकरियों में अपने पिता वेदराम और मां राजेंद्र को बैठाकर बागपत के लिए पैदल यात्रा शुरू की।
दोनों भाई बारी-बारी से अपने कंधों पर कांवड़ उठाकर करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं। रास्ते में श्रद्धालु उनकी कांवड़ को देखकर रुक जाते हैं और दोनों भाइयों की सेवा भावना की प्रशंसा करते हैं।
दोनों भाइयों ने कहा, ‘‘हमने भगवान से कोई विशेष वरदान नहीं मांगा है। हमारे लिए माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा कर्तव्य और तीर्थ यात्रा है।’’
उन्होंने कहा कि जीवन में सच्चा आशीर्वाद माता-पिता का सम्मान और उनकी सेवा करने से मिलता है।
दोनों भाइयों ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए माता-पिता का सम्मान और उनकी सेवा करना बेहद जरूरी है।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत

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