उत्तर प्रदेश के संभल में 1.2 करोड़ की लागत से चंद्र तीर्थ को संवारेगी उप्र सरकार

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उत्तर प्रदेश के संभल में 1.2 करोड़ की लागत से चंद्र तीर्थ को संवारेगी उप्र सरकार

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 05:59 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 05:59 PM IST

संभल (उप्र), 11 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने संभल जिले के तीर्थों के जीर्णोद्धार के तहत चंद्र तीर्थ के विकास के लिए 1.2 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि चंद्र तीर्थ पर विधि-विधान से भूमि पूजन किया गया और पहली किस्त के रूप में 20 लाख रुपये प्रशासन को मिल चुके हैं।

पुराणों में मान्यता है कि कलयुग में संभल में ही कल्कि अवतार होगा। इसी मान्यता के तहत प्रदेश सरकार जिले के 68 तीर्थों और 19 कूपों के पुनरुद्धार का कार्य करा रही है।

उप जिलाधिकारी (एसडीएम) विकास चंद्र ने बताया कि आलम सराय स्थित चंद्र तीर्थ 68 तीर्थों में से एक है। यहां 1.2 करोड़ रुपये की लागत से बहुउद्देशीय हॉल, शेड समेत विभिन्न सुविधाएं विकसित की जानी हैं। पहली किस्त जारी होने के बाद शुक्रवार को भूमि पूजन किया गया। पर्यटन विभाग ने काम शुरू कर दिया है और इसे जल्द पूरा किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मनोकामना तीर्थ, वंश गोपाल तीर्थ, हंस तीर्थ, सूर्य कुंड और भुवनेश्वर तीर्थ समेत अन्य तीर्थों पर भी अलग-अलग स्तर पर काम चल रहा है।

गौरतलब है कि शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दूसरे चरण के दौरान 24 नवंबर 2024 को संभल में हिंसा हुई थी।

अदालत के आदेश पर एक याचिका के आधार पर हो रहे सर्वे में दावा किया गया था कि मस्जिद प्राचीन हरिहर मंदिर के स्थान पर बनी है। हिंसा में चार लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए थे। मामले में 12 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। इसके बाद से संभल संवेदनशील बना हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले की विरासत और वैभव को उचित सम्मान देने की घोषणा की है।

अधिकारियों के अनुसार, संभल शहर के शहजादी सराय में करीब 9.5 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटक सुविधा केंद्र भी बनाया जा रहा है।

एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि केंद्र में मल्टीपर्पज हॉल, रेस्ट रूम, फैमिली रूम, डॉरमेट्री, डिजिटल लाइब्रेरी और पार्किंग की सुविधा होगी। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आस्था और ऐतिहासिक विरासत के साथ आधुनिक सुविधाएं भी एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।

भाषा सं आनन्द रंजन

रंजन