उप्र: कोडीन आधारित कफ सिरप दूसरी जगह भेजने के मामले में थोक दवा विक्रेता की जमानत खारिज

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उप्र: कोडीन आधारित कफ सिरप दूसरी जगह भेजने के मामले में थोक दवा विक्रेता की जमानत खारिज

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 09:47 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 09:47 PM IST

लखनऊ, 15 जून (भाषा) इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय की लखनऊ पीठ ने बलरामपुर जिले के थोक दवा विक्रेता वरुण लाठ की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। उन पर कोडीन युक्त कफ सिरप को गलत तरीके से दूसरी जगह भेजने और दुरुपयोग का आरोप है।

न्‍यायमूर्ति राजीव भारती की अवकाशकालीन पीठ ने आठ जून को आदेश देते हुए कहा कि सिर्फ दवा बेचने का वैध लाइसेंस होने से स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मुकदमे से छूट नहीं मिल जाती। यह मामला बलरामपुर जिले के तुलसीपुर थाना में दर्ज किया गया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर अशोक मेडिकल स्टोर की जांच की गई थी। जांच में कथित तौर पर कोडिन आधारित कोडीवा कफ सिरप की खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

आरोप है कि कफ सिरप की भारी मात्रा बिना जरूरी रिकॉर्ड और बिक्री से जुड़े दस्तावेज रखे ही बेच दी गई थी। अपर महाधिवक्‍ता अनूप त्रिवेदी ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि जांच में कोडीन आधारित कफ सिरप को दूसरे स्थान पर भेजने के मामले में शामिल एक संगठित नेटवर्क में आवेदक की भूमिका का पता चला है। उन्होंने दलील दी कि इसमें शामिल मात्रा ‘‘व्यावसायिक श्रेणी’’ में आती है, इसलिए एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के तहत जमानत के लिए कड़ी शर्तें लागू होती हैं।

शासकीय अधिवक्‍ता ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में कोडीन-आधारित दवाओं को दूसरी जगह पर भेजने और उसके दुरुपयोग से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। आवेदक ने दलील दी थी कि वह एक लाइसेंस-प्राप्त थोक विक्रेता है और ऐसी दवाएं खरीदने और बेचने के लिए कानूनी रूप से अधिकृत है। उसके वकील ने यह भी दलील दी कि आवेदक के पास से कोई प्रतिबंधित सामान बरामद नहीं हुआ और उसे झूठे मामले में फंसाया गया है।

अर्जी खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि जांच के दौरान इकट्ठा की गई सामग्री से प्रथम दृष्टया कोडीन आधारित दवाओं को दूसरे स्थान पर भेजने के गंभीर आरोपों के संकेत मिलते हैं। अदालत ने कहा कि इस चरण पर यह नहीं माना जा सकता कि आरोपी कथित अपराधों का दोषी नहीं है या जमानत पर रिहा होने पर वह कोई अपराध नहीं करेगा।

भाषा सं आनन्‍द सुरभि

सुरभि

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