लखनऊ, 19 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने वंचित वर्गों के बच्चों के वास्ते शिक्षा का अधिकार (आरटीई ) अधिनियम 2009 के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में 25 फीसदी आरक्षण के अंतर्गत प्रवेश कार्यक्रम जारी कर दिया है। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई।
विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी।
पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करने के लिए पहली कक्षा या पूर्व-प्राथमिक स्तर के लिए पात्र बच्चों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
विभाग ने सभी जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चयनित बच्चों का प्रवेश निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इसके अलावा, स्कूलों को पोर्टल पर दाखिले की स्थिति अपलोड करना अनिवार्य होगा।
इस प्रक्रिया का पहला चरण दो से 16 फरवरी तक, दूसरा चरण 21 फरवरी से सात मार्च तक और तीसरा चरण 12 से 25 मार्च तक चलेगा।
बयान में कहा गया है कि आवेदन करने के लिए आवेदक के माता-पिता का आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और पेंशन या दिव्यांगता संबंधी प्रमाण पत्र अनिवार्य होंगे।
निजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार प्रत्येक छात्र के लिए निर्धारित राशि स्कूलों को उपलब्ध कराएगी।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा, ‘आरटीई के तहत निजी स्कूलों की प्रवेश कक्षाओं में 25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान समाज के वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक अवसर प्रदान करता है। यह पहल शिक्षा में सामाजिक न्याय और समावेश को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्य में प्रत्येक पात्र बच्चे के लिए शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’
बेसिक शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा, ‘आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए सभी चरणों का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और लॉटरी प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र बच्चों को निर्धारित समय के भीतर निजी स्कूलों में प्रवेश मिल जाए। शिक्षा विभाग इस प्रक्रिया की निरंतर निगरानी करेगा।’
नर्सरी में तीन से चार वर्ष, एलकेजी में चार से पांच वर्ष, यूकेजी में पांच से छह वर्ष और पहली कक्षा में छह से सात वर्ष की आयु के बच्चे प्रवेश के पात्र होंगे। उम्र की गणना एक अप्रैल 2026 की तारीख के आधार पर की जाएगी।
प्रवेश के लिए आवेदन आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएंगे। अभिभावकों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके बाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आवेदनों का सत्यापन करेंगे और पात्र बच्चों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
भाषा आनन्द राजकुमार नोमान
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